1 माह से छेड़खानी कर रहा था, 7 दिसंबर को शिकायत, फिर भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की रांची| वो पिछले एक महीने से स्कूटी से हर सुबह 7 बजे अपर बाजार की सोनार गली में आता था। हमारे साथ छेड़छाड़ करता था। हमें जबरन छूता और पकड़ने की भी कोशिश करता था। जाते-जाते यह कहता था कि रोज आऊंगा। उसकी हरकतों से स्कूल की कई लड़कियां तो इतनी डर गई थी कि स्कूटी की आवाज सुनते ही घबरा जातीं। डर से सड़क के दूसरी ओर भागने लगतीं। हम डर से चार-पांच के ग्रुप में ही स्कूल आने लगी थीं। हमने इस बात की जानकारी प्रिंसिपल मैडम को दी। उन्होंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन उसकी हरकतें जारी रही। ये पीड़ा उन छात्राओं की है, जिनके साथ हिंदपीढ़ी नाला रोड नंबर-8 का रहने वाला मो. फिरोज अली सरेराह छेड़खानी करता था। शनिवार को उन्होंने खुलकर अपनी पीड़ा बयां की। इधर, स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि 7 दिसंबर को कोतवाली थाना पुलिस से मामले की शिकायत की थी। तब एक महिला कांस्टेबल को स्कूल में तैनात कर दिया गया। वो सुबह 6.30 बजे स्कूल आती थी। जबकि, छात्राओं को सोनार गली में अकेली पाकर आरोपी छेड़खानी करता था। पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने के छह दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की। छेड़खानी की घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने शनिवार को शहर के स्कूल-कॉलेजों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की। रांची वीमेंस कॉलेज, उर्सुलाइन कॉलेज, संत जेवियर्स कॉलेज, संत अन्ना और मारवाड़ी कॉलेज के सामने बाइक-स्कूटी पर सवार मनचले छात्राओं को परेशान करते दिखे। कुछ छात्राओं से बात करने पर उन्होंने कहा कि यह तो हर दिन की बात है। कॉलेज गेट के सामने ही मनचले तरह-तरह से कमेंट पास करते हैं और परेशान करते हैं। सड़क पर, अॉटो या बस में, रात हो या दिन मनचले कुछ नहीं देखते। इस तरह की घटनाएं तो जैसे जीवन का हिस्सा बन गई हैं। हम अपने परिवार में भी किसी से कुछ कह नहीं पाते हैं। डर है कि कहीं कॉलेज ही न छुड़वा दें। पुलिस का दावा है कि कॉलेजों व स्कूलों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए शक्ति मोबाइल पुलिस तैनात है। घटना पर महिला पुलिस तत्काल सहायता के लिए पहुंचेगी। पर भास्कर ने जब इसकी सत्यता जांची तो शक्ति मोबाइल पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। हालांकि, जांच के लिए दो पुलिस जवान मौके पर जरूर आए। पेश है इस पर यह रिपोर्ट…. भास्कर रिपोर्टर रांची वीमेंस कॉलेज के साइंस ब्लॉक गेट के सामने खड़ी थी। शनिवार दोपहर 1:11 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया। महिला पुलिसकर्मी ने फोन उठाया। उसने बताया कि स्कूटी सवार दो मनचले परेशान कर रहे हैं। दोपहर 1:18 बजे फोन आया। सामने से फोन पर ही बात करते हुए वीमेंस कॉलेज गेट से दो पुरुष कांस्टेबल बाहर आए। घटना की जानकारी ली, कुछ दूर जाकर स्थिति का जायजा लिया। कंट्रोल रूम में फोन करने के 15 मिनट बाद दो पुरुष पुलिसकर्मी बुलेट पर वहां पहुंचे। शक्ति मोबाइल नहीं आई, उनसे पूछने पर कहा कि वो अपना काम कर रही हैं। 100 नंबर डायल किया तो पूछा- कौन से थाना क्षेत्र में है महिला पुलिसकर्मी- क्या समस्या है? रिपोर्टर- कुछ लड़के परेशान कर रहे हैं। महिला पुलिस- कहां हुई घटना? रिपोर्टर- रांची वीमेंस कॉलेज, साइंस ब्लॉक के सामने। महिला पुलिस- थाना कौन सा पड़ता है? रिपोर्टर- मुझे जानकारी नहीं है। महिला पुलिस- लालपुर थाना क्षेत्र में आता है, हम थाना को खबर कर दे रहे हैं। रिपोर्टर- ठीक है जिनकी भी लापरवाही सामने आएगी, उनपर होगी कार्रवाई : आईजी इधर, कोतवाली थाना में धूप सेंकती दिखीं शक्ति सवाल: जहां हो रही हैं घटनाएं, वहां क्यों नहीं दिखती महिला पुलिसछेड़छाड़ की घटना के बाद शनिवार को स्कूल आई छात्राएं काफी आक्रोश में थीं। उनकी मांग थी कि पुलिस आरोपी को पकड़कर कड़ी कार्रवाई करे। छात्राओं के समर्थन में हिंदू संगठन भी स्कूल पहुंचा था। घटना के बाद भी छात्राओं की सुरक्षा के लिए तैनात शक्ति मोबाइल सतर्क नहीं हुईं। जबकि, स्कूल व आसपास के इलाके में शक्ति मोबाइल की ड्यूटी सुबह 6.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक पहली शिफ्ट में है। जिस इलाके में आरोपी मो. फिरोज छात्राओं के साथ छेड़खानी कर रहा था, वहां शक्ति मोबाइल नंबर-13 की ड्यूटी रहती थी। शनिवार को भी जब घटना के बाद पुलिस विभाग रेस था, तब शक्ति मोबाइल की सभी महिला पुलिसकर्मी महिला थाना में थीं। दोपहर 12.45 बजे शक्ति मोबाइल की महिला पुलिस कोतवाली थाना में धूप सेंकती दिखीं, जबकि इन्हें स्कूलों के पास होना चाहिए था।


