रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण करके घर-दुकान बनाने वालों पर अब कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार को बिरसा चौक के पास स्थित रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण करके बने 105 घर-दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। पहले से भवन मालिकों और दुकानदारों को जगह खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसलिए घरों को तोड़ने समय किसी ने विरोध नहीं किया। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने कुछ समय देने की मांग की, लेकिन मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट और रेलवे प्रशासन के अधिकारियों ने मोहलत देने से इंकार कर दिया। इसके बाद देखते ही देखते सभी भवनों पर पोकलेन चलने लगा। एक-एक कर घर-दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। करीब 60 घर और 45 दुकानों को तोड़ दिया गया। इससे पहले बड़ी संख्या में प्रशासन की टीम सुबह से ही अतिक्रमण हटाने के लिए तैनात थी। पहले तो उन्होंने अतिक्रमणकारियों को सामान हटाने का निर्देश दिया। जब लोगों ने सामान हटाने के लिए कुछ समय देने की मांग की तो सख्ती बरतते हुए भवनों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह देख सभी लोग अपने घर और दुकान का सामान बाहर निकालने लगे। देर शाम तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। घर-दुकान टूटता देख आंखों से आंसू आ गए, कई दुकानदारों के सामान बर्बाद बिरसा चौक और एचईसी गेट के बीच में रेलवे की जमीन पर वर्षों से घर-दुकान बनाकर रह रहे लोगों को यह मालूम था कि एक दिन मकान टूटेगा। इसके बावजूद वे इस इंतजार में थे कि शायद रेलवे कुछ मोहलत दे दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शनिवार को अचानक पुलिस-प्रशासन के साथ रेलवे की टीम पहुंची आैर घर-दुकान खाली करने को कहा तो सबसे होश उड़ गए। उन्हें जरा भी आभास नहीं था कि इतनी जल्दी आशियाना और रोजी-रोटी का साधन उजड़ जाएगा। एक दुकान के संचालक ने बताया कि मैं अपने परिजन के घर शादी समारोह में गया था। सुबह में अचानक फोन आया कि दुकान टूट रही है। जब तक यहां पहुंचता, तब तक काफी सामान बर्बाद हो चुका था। कोल्ड ड्रिंक, कुरकुरे सहित कई खाद्य सामग्री बर्बाद हो गई। वहीं, दुकानदार प्रदीप सिंह ने बताया कि वर्षों से यहां रोजी-रोटी चल रही थी, अब रोड पर आ गए हैं। बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है, क्योंकि दुकान की कमाई से ही परिवार का भरण-पोषण चलता था। रेलवे ट्रैक बिछेगी, विकास योजनाओं पर भी होगा काम अतिक्रमण हटाने के दौरान सरकारी शराब दुकान को भी ध्वस्त कर िदया गया। दुकान के कर्मचारियों ने बताया कि हमलोगों की क्या गलती थी। विभाग को पहले ही दुकान शिफ्ट करना चाहिए था, लेकिन नहीं किया। अब शराब की खेप बाहर निकालना आैर सुरक्षित रखना की जिम्मेवारी हमारे ऊपर पर आ गई है। मौके पर रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि पूर्व में कई बार नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसे देखते हुए कार्रवाई की गई। अब यहां पर रेलवे ट्रैक बिछाई जाएगी आैर अन्य विकास कार्य किए जाएंगे।


