कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट खदानों और क्रेशर का विरोध:नजीटी आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप, लोगों का आरोप- कई बार ज्ञापन के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

कोटपूतली में जोधपुरा संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की खदानों और क्रेशर का घेराव किया। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का पालन न करने के विरोध में किया गया। प्रदर्शन में शामिल राधेश्याम ने बताया कि प्लांट ने आबादी, मंदिर और स्कूल से 500 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग पर रोक, चेतावनी बोर्ड लगाने और डंपों को तिरपाल से ढकने जैसे एनजीटी के कई आदेशों का उल्लंघन किया है। डंपों से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई नहीं हरित प्राधिकरण भोपाल के आदेशों के पालन के लिए ग्रामीणों ने कई बार जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे। बीते 22 दिसंबर को भी जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर महापड़ाव डाला गया था। उस समय एसडीएम, डीएसपी और धरना कमेटी की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत व पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना की मध्यस्थता से प्रशासन ने पांच दिनों में आदेशों का पालन करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। प्रशासन, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और खनन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न होने से परेशान ग्रामीणों ने यह घेराव किया। घेराव का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास और समिति के अध्यक्ष सत्यम सुरेलिया ने किया। सूचना मिलने पर तहसीलदार रामधन गुर्जर, सरूंड एसएचओ यशपाल सिंह, कोटपूतली एसएचओ राजेश शर्मा, हल्का पटवारी और खनन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरनार्थियों की समस्याएं सुनीं। खनन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर लिखित में स्वीकार किया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट द्वारा एनजीटी के 3 नवंबर 2025 के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खदान क्षेत्र में पड़े डंप को ढका नहीं जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, रात्रिकालीन खनन कार्य भी किया जा रहा है और आबादी से 500 मीटर की अनिवार्य दूरी का भी पालन नहीं हो रहा है। अधिकारियों ने इन उल्लंघनों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए लिखित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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