छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान को लेकर शुरू हुए विवाद पर कांग्रेस ने साहू समाज से अपील की है। कांग्रेस का कहना है कि भूपेश बघेल ने अपने भाषण में सिर्फ एक कहानी का उदाहरण दिया था, किसी भी जाति, धर्म या समुदाय का अपमान करने का उनका कोई इरादा नहीं था। कांग्रेस ने कहा कि साहू समाज पूरा वीडियो देखे और उसके बाद ही कोई निर्णय ले। विपक्ष का नेता अगर सत्ता पक्ष से सवाल करता है या ज्ञापन की राजनीति करता है, तो उसे किसी जाति या धर्म के अपमान से जोड़ना उचित नहीं है। यह राजनीतिक परंपराओं के खिलाफ है। कांग्रेस का पक्ष कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि भूपेश बघेल ने एक कहानी का एक उदाहरण का जिक्र किया था, कहीं पर भी उन्होंने भाषण में किसी को भी अपमानित करने की कोशिश नहीं की है, किसी को भी जाति, धर्म या समुदाय से संबोधित करने की कोशिश नहीं की है, राजनीति में अगर विपक्ष का नेता सत्ता से कोई सवाल करता है तो उसमें ज्ञापन दिया जाना, या इसे किसी जाति या धर्म विशेष के अपमान से जोड़ा जाना उचित नहीं है, यह राजनीतिक परंपरा के खिलाफ है, साहू समाज से आग्रह करता हूं कि उस वीडियो को देखें और उसके बाद ही कोई निर्णय लें । क्या है पूरा मामला छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर तंज कसा था। छत्तीसगढ़ी भाषा में दिए गए बयान में उन्होंने कहा था,“जंगल के सभी राजा मन मिलकर बेंदरा ल राजा बना दिन।” इसी बयान को लेकर साहू समाज ने आपत्ति जताई है और इसे उपमुख्यमंत्री अरुण साव का अपमान बताया है। इसके बाद भूपेश बघेल साहू समाज के निशाने पर आ गए हैं। साहू समाज का ऐलान छत्तीसगढ़ साहू समाज ने सभी जिलों में एसपी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। समाज ने कहा है कि यदि भूपेश बघेल 10 दिनों के भीतर माफी नहीं मांगते हैं, तो आंदोलन किया जाएगा।साहू समाज के अध्यक्ष नीरेंद्र साहू 5 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। ज्ञापन सौंपने के लिए सभी जिलाध्यक्षों को पत्र भी जारी कर दिया गया है। 10 दिन में माफी की मांग साहू समाज के अध्यक्ष ने साफ कहा है कि भूपेश बघेल को 10 दिनों के भीतर अपना बयान वापस लेना होगा। ऐसा नहीं करने पर समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।समाज का कहना है कि उनके गौरव उपमुख्यमंत्री अरुण साव के खिलाफ की गई टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लिंगियाडीह में दिया था बयान यह बयान भूपेश बघेल ने बिलासपुर के लिंगियाडीह में दिया था, जहां वे पिछले 37 दिनों से चल रहे आंदोलन के समर्थन में पहुंचे थे।इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर तीखा हमला किया। लिंगियाडीह बस्ती तोड़कर बनाए जा रहे गार्डन को लेकर उन्होंने कहा था कि,“क्या मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ वहां घूमने आएंगे?” इसी भाषण में उन्होंने अरुण साव पर विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि दो साल में सिर्फ 950 मीटर सड़क ही बन पाई है, किसी भी मामले में काम नहीं हो रहा।पूर्व मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से आंदोलन जारी रखने की अपील भी की थी। इसी टिप्पणी के बाद प्रदेश साहू समाज भूपेश बघेल के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है और कार्रवाई की मांग कर रहा है।


