कोरबा में गौरी-गौरा विसर्जन, 45 साल पुरानी परंपरा:विधायक प्रेमचंद पटेल हुए शामिल, ग्रामीणों ने की सुख-समृद्धि की कामना

कोरबा जिले के ग्राम बोईदा में पांच दिवसीय गौरी-गौरा विसर्जन पारंपरिक आस्था के साथ संपन्न हुआ। यह 45 वर्षों से चली आ रही परंपरा है, जिसमें कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल भी शामिल हुए। हरदीबाजार से सटे ग्राम बोईदा के आनंद नगर में ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीण मांदर-ढोल और लोकगीतों के साथ भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए। यह शोभायात्रा आनंद नगर से शुरू होकर गुड़ी चौक, गौंटिया पारा होते हुए बड़े तालाब पहुंची। जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद गौरा-गौरी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। लोक मान्यताओं के अनुसार, शोभायात्रा के सामने महिलाएं जमीन पर लेटकर अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना करती हैं। इस दौरान कई महिलाओं ने इस परंपरा का निर्वहन किया। गौरी की बारात महेंद्र मरावी के घर पहुंची परंपरा के अनुसार, गौरा की बारात बलदेव जगत के घर से और गौरी की बारात महेंद्र मरावी के घर पहुंची। यहां बैगा पुजारी ने पूरी रात विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया। इस दौरान भक्तजन पूरी रात जागकर गौरा-गौरी के गीत गाते रहे। विधायक प्रेमचंद पटेल ने गौरी-गौरा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि दुष्यंत शर्मा, जनपद सदस्य अंजनी कौशल श्रीवास, सरपंच संजय राज, भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे। 45 वर्षों से परंपरा का निर्वहन गांव के बैगा ने बताया कि यह पूजा गांव के देवी-देवताओं और इष्टों को प्रसन्न करने, अच्छी कामना और समृद्धि के लिए की जाती है। यह अनुष्ठान पांच दिनों तक चलता है और ग्रामीण पिछले 45 वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।

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