तांत्रिक क्रिया के लिए 6 साल के बच्चे का अपहरण:खरगोन में कमरे में छिपाया, भूखा प्यासा रखा; 22 दिन बाद पुलिस ने खोज निकाला

खरगोन जिले के खंगवाड़ा गांव से लापता छह वर्षीय बालक को पुलिस ने 22 दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया है कि बच्चे का अपहरण धनवर्षा की तांत्रिक क्रिया के लिए किया गया था। आरोपियों ने उसे कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखा। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में एक कथित बाबा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्चे के सुरक्षित मिलने पर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। 10 दिसंबर को हुआ था अपहरण
बता दें कि 10 दिसंबर 2025 को परिजनों ने बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी रवींद्र वर्मा ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया था। बालक का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। इसके बाद एएसपी, एसडीओपी, साइबर सेल, एफएसएल, फिंगर प्रिंट टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से इस जटिल मामले की जांच आगे बढ़ाई गई, जिसके चलते आखिरकार पुलिस को सफलता मिली। अपहरण से पहले की थी रेकी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपहरण से पहले बच्चे की रेकी की थी। पूरी योजना के तहत 23 दिसंबर को उसे घर के बाहर खेलते समय क्रिकेट बैट-बॉल का लालच देकर बाइक से अगवा किया गया। बच्चे को खंडवा जिले के पुनासा में किराए के कमरे में छिपाकर रखा गया। 100 से ज्यादा CCTV खंगाले
एसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि बच्चे की तलाश में खरगोन जिले के आठ थानों की 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई। 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जंगल और नर्मदा के बैक वाटर क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। भेष बदलकर की निगरानी
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शुभम उर्फ लव यादव तंत्र-मंत्र और धनवर्षा से जुड़ी गतिविधियों में शामिल है और पुनासा में रह रहे एक कथित बाबा के संपर्क में है। इसके बाद पुलिस ने भेष बदलकर निगरानी शुरू की। रात के समय सुरेंद्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित नाम का व्यक्ति बच्चे को लेकर कमरे में आता दिखा। पुलिस की भनक लगते ही वह भागने लगा, लेकिन टीम ने मौके पर ही बच्चे को सकुशल दस्तयाब कर लिया। नींबू की माला और डायरी से भटकाने की कोशिश
अपहरण के बाद बच्चे के घर के बाहर उसकी तस्वीर पर नींबू की माला चढ़ाई गई थी। मौके से एक डायरी भी मिली थी, जिसमें लिखे नामों का घटना से कोई संबंध नहीं निकला। पुलिस का कहना है कि यह सब जांच को गुमराह करने के लिए किया गया था। तंत्र क्रिया के लिए नाबालिग की जरूरत
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी खुद को तंत्र विद्या में सिद्ध मानने लगा था। धनवर्षा और जमीन में गड़ा सोना निकालने के नाम पर उसने तंत्र क्रिया के लिए नाबालिग बच्चे की जरूरत बताई थी। इसी साजिश के तहत अपहरण किया गया। पुलिस ने बाबा समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। जांच जारी है।

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