यादव समाज ने इंदौर और मध्य प्रदेश के शासकीय राधा कृष्ण मंदिरों पर प्रबंधन का अधिकार मांगते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से तीन बड़ी मांगें की हैं। इन मांगों में समाज ने मंदिर प्रबंधन यादव समाज को सौंपने, जाति प्रमाणपत्र जांच के लिए समिति गठित करने और राधा कृष्ण बोर्ड बनाने की बात शामिल हैं। इंदौर में 19 जनवरी यादव महापंचायत का आयोजन किया गया है। इसमें समाज के प्रमुख नेता और वरिष्ठजन इन तीनों मांगों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। समाजजन का कहना है कि प्रदेश सरकार को अन्य समुदायों की तरह राधा कृष्ण मंदिरों में प्रबंधन का अधिकार यादव समाज को देना चाहिए। अभी इंदौर, महू, सांवेर और देपालपुर जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों राधा कृष्ण मंदिर हैं। इनकी देखरेख प्रशासन द्वारा की जा रही है। समाज का आरोप है कि मंदिरों और उनकी जमीनों की पवित्रता बनाए रखने के लिए माफी अधिकारी सक्षम नहीं हैं। यादव समाज के वरिष्ठ नेता राकेश सिंह यादव ने कहा कि, राधा कृष्ण मंदिरों में यादव समाज को यह जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। इसके अलावा, यादव समाज ने फर्जी जाति प्रमाणपत्रों से हुए स्कॉलरशिप घोटाले पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि, 2014 के बाद बड़ी संख्या में फर्जी ओबीसी प्रमाणपत्र बनाए गए। गौरतलब है कि पिछले दिनों इंदौर में गोपाल मंदिर को भव्य शादी के लिए किराए पर देने और गंदगी फैलाने पर यादव समाज काफी आक्रोशित था। समाजजन ने विरोध स्वरूप रैली निकालकर मंदिर का शुद्धिकरण किया था।


