’20 साल पुरानी पाइपलाइन में एक हफ्ते में तलाशें रिसाव’:CM मोहन यादव बोले- जल आपूर्ति की शिकायतों को इमरजेंसी कैटेगरी में रखा जाए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों में पेयजल व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों और 20 वर्ष से अधिक पुरानी पेयजल पाइपलाइनों में लीकेज व दूषित पानी की संभावनाओं की जांच निगमायुक्त एक सप्ताह के भीतर कराएं। जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां रिसाव की मरम्मत 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को आयोजित बैठक में प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, निगमायुक्तों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि इंदौर में दूषित जल आपूर्ति जैसी घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों का अमला नागरिकों की सेहत के प्रति पूरी तरह सजग और सतर्क रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। पेयजल या अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी शिकायत फोन या किसी भी माध्यम से प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। जल आपूर्ति से संबंधित सभी शिकायतों को इमरजेंसी कैटेगरी में रखा जाए। नगरीय प्रशासन विभाग ने बैठक में नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

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