जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 में विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक को अत्याधुनिक सुविधाओं से अपडेट करने की योजना बनाई गई है। जिसमें ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना होगी।इसके बाद ब्लड बैंक में पेक्टसेल, प्लाज्मा एवं प्लेटलेट की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे जिले के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और एमजीएम जमशेदपुर से पेक्टसेल मंगाकर यहां चढ़ाने की मजबूरी भी समाप्त हो जाएगी। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में ब्लड बैंक को और अधिक आधुनिक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक मशीनों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है, ताकि आम लोगों को जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। ब्लड बैंक के अपडेट होने से आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल रक्त एवं उसके घटक उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि दो-तीन महीना में ही स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाते हुए इनमें अधिक से अधिक सुविधाएं जोड़ा जा रहा है ताकि मरीजों को बाहर जमशेदपुर जाकर इलाज करने की आवश्यकता नहीं होगी। ब्लड बैंक में जगह की कमी के कारण ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना नहीं हो पा रही है परंतु उसे भी दूर कर लिया जाएगा ।ब्लड बैंक के ऊपर इसका निर्माण कार्य प्रारंभ होगी, और जल्द से जल्द लोगों को इसका लाभ दिया जाएगा। जिले के थैलेसीमिया मरीजों को मिलेगी राहत : वर्तमान में सरायकेला जिले में 12 थैलेसीमिया के मरीज हैं, जिन्हें नियमित रूप से पेक्टसेल की आवश्यकता होती है। लेकिन सदर अस्पताल में पेक्टसेल की व्यवस्था नहीं होने के कारण हर माह एमजीएम जमशेदपुर से पेक्टसेल लाकर मरीजों को चढ़ाया जाता है। इससे समय और संसाधनों की बर्बादी के साथ-साथ मरीजों व उनके परिजनों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह सुविधा जिले में ही उपलब्ध होगी।इसी प्रकार सरायकेला में फिलहाल प्लाज्मा एवं प्लेटलेट की नियमित व्यवस्था नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को जमशेदपुर या अन्य जिलों के अस्पतालों में भर्ती होना पड़ता है, जहां प्लाज्मा एवं प्लेटलेट चढ़ाने में भारी खर्च आता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। बरसात के मौसम में डेंगू के मामलों में वृद्धि होती है और प्लेटलेट की कमी के कारण कई बार मरीजों की जान भी चली जाती है। वहीं सदर अस्पताल में बर्निंग यूनिट तो मौजूद है, लेकिन प्लाज्मा चढ़ाने की सुविधा नहीं होने के कारण गंभीर बर्निंग केस में मरीजों को तुरंत जमशेदपुर रेफर करना पड़ता है। ब्लड बैंक के अपडेट होने से ऐसे मामलों में समय पर इलाज संभव होगा और कई जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।


