2 जनवरी 1838 को अंग्रेजों ने हो विद्रोहियों को डराने के लिए बोड़ो व पांडु हो को दी गई थी फांसी : अभियान

02 जनवरी 1838 को अंग्रेजों ने हो विद्रोहियों में भय पैदा करने के लिए बोड़ो हो और पांडु हो को उतरी कोल्हान के ग्रामीणों को एकत्रित कर सबके सामने फांसी पर लटका दिया गया था। उक्त बातें झारखंड आंदोलनकारी सह झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय सलाहकार सदस्य जगदीश चंद्र सिंकू ने सेरेंगसिया में शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के दौरान कही। अभियान के केंद्रीय महासचिव अमृत मांझी ने कहा कि झारखंड पुनरुत्थान अभियान का गठन सेरेंगसिया के शहीदों की समाधि स्थल के पास 22 जनवरी 2023 को गैर राजनीतिक सामाजिक संगठन के रूप में की गई थी। इस संगठन के द्वारा लगातार कोल्हान सहित झारखंड के ऐतिहासिक स्थानों को चिह्नित कर इस संस्था द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि देने का कार्य किया जा रहा है। चाहे शहीद पार्क चाईबासा का हो या 01 और 02 जनवरी को क्रमशः जगन्नाथपुर और सेरेंगसिया में शहीदों को श्रद्धांजलि देने का कार्य हो। उसी प्रकार झारखंड के वीर शहीदों को आदर्श मानकर ही झारखंड पुनरुत्थान अभियान लगातार जल, जंगल, जमीन के बचाव के लिए संघर्षरत है। सेरेंगसिया में शहीदों को श्रद्धांजलि देने वालों में झारखंड पुनरुत्थान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकू, झारखंड आंदोलनकारी सह अभियान के केंद्रीय सलाहकार सदस्य कोलंबस हांसदा, अभियान के केंद्रीय सलाहकार सदस्य सुमंत ज्योति सिंकू, अभियान के जिला उपाध्यक्ष विकास केराई, जिला सचिव शैली शैलेंद्र सिंकू, अभियान के स्टूडेंट्स विंग केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकू, अभियान के जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष विश्वनाथ बोबोंगा आदि मौजूद थे।

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