मिल्कीपुर विधानसभा सीट से भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार रहे जिला महामंत्री राधेश्याम त्यागी की तबीयत बिगड़ गई। शुक्रवार को वह विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान हार्ट अटैक आ गया। बेहोश होकर गिर गए। साथियों ने उन्हें कुमारगंज स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। CMS डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक, राधेश्याम त्यागी को माइनर अटैक पड़ा था। वह अब खतरे से बाहर हैं। इलाज के बाद शनिवार सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। सीएम योगी ने शनिवार को त्यागी को फोन कर उनका हाल-चाल जाना। उनके इलाज में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। त्यागी से कहा, ‘अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पार्टी आपके साथ है। किसी प्रकार की चिंता न करें।’ भाजपा ने राधेश्याम त्यागी को टिकट न देकर नए चेहरे चंद्रभानु को उतार दिया। इसके बाद से वह नाराज थे। गुरुवार को चंद्रभानु के नामांकन पर योगी सरकार के 6 मंत्री गए, लेकिन राधेश्याम त्यागी नहीं पहुंचे। वोटिंग से पहले मिल्कीपुर में पार्टी में बगावत को देख गुरुवार रात ही योगी सरकार के दो मंत्री सूर्य प्रकाश शाही और स्वतंत्र देव राधेश्याम त्यागी के घर पहुंचे। कई घंटे बैठकर उन्हें मनाया। परिवार से बातचीत की। भविष्य में पार्टी में अच्छा पद मिलने का भरोसा दिलाया। सपा प्रत्याशी हालचाल लेने पहुंचे, सियासी सरगर्मी बढ़ी
राधेश्याम त्यागी को देखने के लिए सपा सांसद अवधेश प्रसाद की बेटी और सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भाजपा नेता से हालचाल पूछा। इसके कुछ देर बाद ही भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु चौधरी पहुंचे। सपा प्रत्याशी के अस्पताल पहुंचने से भाजपा नेता टेंशन में आ गए। वजह है कि राधेश्याम त्यागी कोरी समाज से आते हैं। अयोध्या में इस समाज का वोट बैंक 18 हजार से ज्यादा हैं। शनिवार सुबह उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वह घर आ गए। जहां उनका हालचाल जानने भाजपा नेता पहुंच रहे हैं। 3 तस्वीरों में पूरा घटनाक्रम देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा घटनाक्रम समझते हैं… बाबा गोरखनाथ भी घर पहुंचे
शनिवार सुबह राधेश्याम त्यागी घर पहुंचे तो भाजपा के पूर्व सांसद लल्लू सिंह, मिल्कीपुर के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ उनके आवास पर मिलने पहुंचे। हालांकि, जिले में उत्तर प्रदेश के सात मंत्री प्रचार कर रहे है, जो अभी तक त्यागी का हालचाल जानने नहीं पहुंचे हैं। डॉक्टरों के अनुसार- अत्यधिक मानसिक तनाव और शारीरिक थकान के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। विशेषज्ञों ने उन्हें कुछ दिनों तक आराम करने और मानसिक तनाव से बचने की सलाह दी है। अब पढ़िए मिल्कीपुर का जातीय समीकरण… मिल्कीपुर में सबसे अधिक करीब एक लाख दलित मतदाता हैं। दलित मतदाताओं का सपा और भाजपा में बंटना तय माना जा रहा है। वहीं, सपा के पास 50 हजार यादव और 26 हजार मुस्लिमों का वोट बैंक भी है। जातीय समीकरण के कारण ही मिल्कीपुर सीट पहले भी भाजपा के लिए कमजोर रही है। 2022 में सपा के अवधेश प्रसाद ने भाजपा के गोरखनाथ को 10 हजार से अधिक मतों से हराया था। यही वजह है कि भाजपा इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाह रही। मिल्कीपुर में जातीय समीकरण के हिसाब से ही भाजपा ने 7 मंत्री प्रचार के लिए उतारे हैं। प्रदेश पदाधिकारियों को बूथों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन सबके बीच भाजपा के लिए अपनों को मनाना बड़ी चुनौती है। ………………… ये खबर भी पढ़ें- रिंकू सिंह के घर को प्रिया सरोज ने फाइनल किया:अप्रैल में 3 करोड़ के घर को देखने आईं थीं, इंटीरियर में कुछ कराया था बदलाव टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह और जौनपुर के मछली शहर की सांसद प्रिया सरोज के साथ इंगेजमेंट की खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। खबर फैलते ही बधाई का दौर शुरू हो गया है। पिता तूफानी सरोज ने कहा, अभी ऐसी कोई बात नहीं है। बेटी की सगाई की बात चल रही है। पढ़ें पूरी खबर


