डॉक्टर ने जज से कहा- प्राइवेट पार्ट पर निशान मिले:IIT BHU गैंगरेप मामला, आरोपी का वकील बोले-चेस्ट पर निशान क्यों नहीं

छात्रा के साथ रेप का कठोर प्रयास हुआ। शारीरिक हिंसा में उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट भी आईं।इंटरनल इंजरी नहीं मिली, लेकिन ऐसे केस में एक्सटर्नल इंजरी इज फाउंड भी कम नहीं है। रेप से इनकार नहीं किया जा सकता। यह बातें IIT-BHU गैंगरेप मामले में डॉक्टर अनामिका सिंह ने शुक्रवार को कोर्ट में कहीं। अनामिका ने ही पीड़ित छात्रा का मेडिकल किया था। डॉक्टर ने कोर्ट में दाखिल सप्लीमेंट्री मेडिको लीगल रिपोर्ट को बिंदुवार समझाया। इस दौरान आरोपियों के वकील ने डॉक्टर से जिरह की। पूछा- चेस्ट पर निशान क्यों नहीं। इस मामले अभी जिरह पूरी नहीं हुई है। 20 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। अब जानिए डॉक्टर ने कोर्ट को क्या बताया IIT-BHU में छात्रा से गैंगरेप मामले में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ डॉक्टर अनामिका सिंह शुक्रवार दोपहर कोर्ट पहुंचीं। कार्रवाई शुरू होते ही अभियोजन ने सबसे पहले उनसे छात्रा के अस्पताल आने को लेकर सवाल पूछे और पूरी मेडिकल रिपोर्ट के बारे में जज के सामने बताने का अनुरोध किया। इसके बाद डॉक्टर अनामिका सिंह ने कोर्ट के सामने अपनी बात रखी। चलिए, डॉक्टर की पूरी बात 5 पॉइंट में पढ़ते हैं… अब पढ़िए आरोपी ​​​​​के वकील और डॉक्टर की कोर्ट में जिरह… आरोपी कुणाल पांडेय के वकील ने मेडिकल रिपोर्ट में एक्सटर्नल इंजरी इज फाउंड शब्द पर सवाल उठाए। कहा- अगर जबरदस्ती हुई तो चोटों के निशान शरीर के अन्य अंगों पर क्यों नहीं मिले? जवाब में डॉ. अनामिका ने कहा- पीड़िता की पहली मेडिकल रिपोर्ट उनके सामने थी, जिसके बाद मेडिको लीगल रिपोर्ट तैयार की गई। हालांकि उस रिपोर्ट से इतर चीजों पर परीक्षण किया गया था। उस समय निशान नहीं मिले। इसका एक कारण यह भी है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की त्वचा अधिक कोमल होती है, उस पर निशान जल्दी आते हैं और अधिक प्रभावित करती है। महिला को पीछे से पकड़ा गया होगा, लेकिन 4 नवंबर तक निशान नहीं मिले। 22 अगस्त को छात्रा ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे अभियोजन की वकील बिंदू सिंह ने बताया- कोर्ट ने IIT-BHU गैंगरेप की सुनवाई तेज कर दी है। केस में सबसे पहले छात्रा को कोर्ट ने 22 अगस्त, 2024 को बुलाया था। तब पुलिस सुरक्षा में छात्रा को कोर्ट में पेश किया गया। अपने साथ हुई वारदात को छात्रा ने कोर्ट के सामने रखा। बताया कि तीनों आरोपियों ने दरिंदगी की, धमकाया और फिर फरार हो गए। घटना के बाद से कई तरह के दबाव महसूस कर रही है। बाहर आते-जाते डर लगता है, इसलिए अधिकांश समय हॉस्टल में रहती हूं। 8 महीने बाद ट्रायल, 12 बार जिरह में तलब
जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट में 18 जुलाई, 2024 से ट्रायल शुरू हुआ था। इस सुनवाई के दौरान छात्रा ने अपना बयान 22 अगस्त तक दर्ज कराया। इसी बीच आरोपियों को जमानत मिल गई। आरोपियों की मौजूदगी में जुलाई से दिसंबर तक छात्रा को 12 बार कोर्ट में तलब किया जा चुका है। कोर्ट उससे 8 बार जिरह कर चुकी है। वहीं 4 बार अलग-अलग कारणों से वह नहीं आ सकी। कभी आरोपियों की ओर से अपील तो कभी अगली तारीख, इन सब के बीच अब तक उसके बयान पर जिरह पूरी नहीं हो सकी है। पहले आनंद फिर कुनाल और सक्षम की हो चुकी रिहाई
वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सबसे पहले आरोपी आनंद ने 11 नवंबर, 2023 को जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आनंद ने घर वालों की बीमारी समेत कई कारण बताए थे। इस पर कोर्ट ने 2 जुलाई, 2024 को जमानत दे दी। आनंद को जमानत मिलते ही दूसरे आरोपी कुणाल ने भी 2 जुलाई, 2024 को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। 4 जुलाई को कोर्ट ने उसे भी जमानत मिल गई। 4 जुलाई को ही तीसरे आरोपी सक्षम पटेल ने जमानत अर्जी दाखिल की, लेकिन गैंगस्टर में आपत्ति दाखिल हो गई। कमजोर रिपोर्ट और अभियोजन की बहस भी फीकी रही और मजबूत आधार नहीं होने के चलते सक्षम पटेल को बाद में जमानत मिली।

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