रांची रांची विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पीएचडी रिसर्च को लेकर हाईकोर्ट के आदेश आलोक में स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया गया है। इसमें कोविड अवधि को बाहर कर दिया गया है और इतना ही अतिरिक्त समय स्कॉलर को पीएचडी रिसर्च पूरा करने के लिए दिया गया है। इसके तहत इतिहास विभाग के शोधार्थी योगेश कुमार को पीएचडी शोध कार्य पूरा करने के लिए समय विस्तार कर दिया गया है। यह विस्तार कोविड-19 महामारी की अवधि 15 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2022 को शोध की अधिकतम समय-सीमा की गणना से बाहर मानते हुए दिया गया है। इस संबंध में आरयू के रजिस्ट्रार डॉ गुरुचरण साहू द्वारा जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय ने अपने स्पीकिंग ऑर्डर में माना कि शोध में देरी कोविड-19 अवधि से मेल खाती है और इस अवधि को बाहर न मानना संविधान के अनुच्छेद 141 और 226 के तहत बाध्यकारी न्यायिक आदेशों की अवहेलना होगी। यह हे पूरा मामला आरयू के पीजी इतिहास विभाग में पीएचडी रिसर्च कर रहे स्कॉलर योगेश कुमार को कोविड-19 के एवज में अतिरिक्त समय नहीं दिया गया था। इसके बाद योगेश ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर न्याय की गुहार लगाई थी। इस पर हाईकोर्ट ने 25 सितंबर 2024 को निर्देश दिया कि शोधार्थी नया आवेदन देने और कुलपति उस पर विधिसम्मत निर्णय लेने का निर्देश दिया था।


