पूर्व मंत्री एवं अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की अध्यक्ष गीताश्री उरांव ने पेसा नियमावली की अधिसूचना जारी होने पर कहा कि अभी इसके पूर्ण अध्ययन की जरूरत है। कई प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं। जैसे सहायक पंचायत सचिव की नियुक्ति तो ग्राम सभा करेगी। मगर पंचायत सचिव की नियुक्ति कौन करेगा, यह स्पष्ट नहीं है। सामुदायिक विकास के तहत रूढ़ीवादी पारंपरिक व्यवस्था की बात कही गई, यह अच्छा है। मगर इसमें प्रशासनिक हस्तक्षेप अधिक प्रतीत हो रहा है। लघु खनिज में बालू, पत्थर तो आते ही हैं, मगर बॉक्साइट पर ग्राम सभा का अधिकार होगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। वहीं, बालू पर टेंडर शुल्क की बातें भी स्पष्ट नहीं हैं।


