भास्कर संवाददाता | बड़वानी अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में 19 से 24 जनवरी तक भगवती देवी शर्मा माताजी व अखंड दीपक जन्म शताब्दी का विराट आयोजन वैरागी द्वीप हरिद्वार में होगा। शताब्दी समारोह में आदिवासी सम्मेलन होना निश्चित किया है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के दलनायक, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति व शताब्दी समारोह के प्रमुख संयोजक डॉ. चिन्मय पंड्या ने सदूर अंचल के आदिवासी गायत्री परिजनों को सम्मेलन में आमंत्रित किया है। संदेश में बताया कि आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा व वाद्ययंत्रों के साथ कलश यात्रा में सम्मिलित होने की तैयारी करके 19 जनवरी के आदिवासी सम्मेलन में हिस्सेदारी करें। बड़वानी, खरगोन, धार, अलीराजपुर व झाबुआ जिले के ग्रामीण अंचलों से 2500 आदिवासी गायत्री परिजन हरिद्वार जाने के लिए सहमत हुए हैं। आयोजन के लिए सभी जिलों के परिजनों की अनुशासन गोष्ठी सियाराम बाबा आश्रम नागलवाड़ी में हुई। जिला समन्वयक महेंद्र भावसार ने परिजनों को बताया जिले के प्रस्तावित आदिवासी सम्मेलन को स्वीकृति मिल गई है। इस सम्मेलन से पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के सद्विचारों को ग्रामीण अंचलों में पहुंचना, सभ्य समाज का निर्माण करना व व्यसन मुक्त संस्कार युक्त समाज बनाना है। हरिद्वार जाने के लिए ट्रेन रिजर्वेशन व 10 बसों की बुकिंग की गई है। सहायक विक्रम जमरे, मगनलाल डुडवे व डॉ. रामकृष्ण ने दीप प्रज्ज्वलित की और युग संगीत डॉ. अनूप ने प्रस्तुत किया। साधना अभियान प्रभारी नरेंद्र डावर ने हमारा लक्ष्य हर गांव में गायत्री यज्ञ और आदिवासी समाज व्यसन को त्यागे, बली प्रथा से बचे, चेतना को जागृत करना है। सहायक विक्रम जमरे ने ग्रामीण अंचलों के परिजनों की सूची बनाकर हिस्सेदारी करने की योजना बताई। परिजनों से बुराइयों को गंगा किनारे त्याग कर जीवन सफल बनाने की अपील की। आवागमन साधन बस व्यवस्था समिति का प्रभार जमरे, लालचंद डावर, प्रकाश नरगांवे, ट्रेन बैठक व्यवस्था बनाने में गोपालकृष्ण प्रजापति, सीताराम, किशोर सस्ते,भोजन व्यवस्था नरेंद्र डावर, नानला, शिला, दयाराम जाधव, पेयजल व्यवस्था भागीरथ भाबर, चेनसिह, मंशाराम अवास्या व राकेश मेवाड़े, प्राथमिक इलाज डॉ. टीएस मेहता व डॉ. रामकृष्ण डावर को बनाया गया।


