मप्र में अगली कैबिनेट बैठक से ई-कैबिनेट एप्लीकेशन लागू करने की तैयारी है। 6 जनवरी को होने वाली 2026 की पहली कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों को टैबलेट दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने मप्र इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआईडीसी) के माध्यम से गैलेक्सी एस-11 सीरीज के 50 टैबलेट मंगा लिए हैं। मंत्रियों के साथ ही कैबिनेट के स्थायी रूप से शामिल रहने वाले आईएएस अधिकारियों को भी ये टैबलेट दिए जाएंगे। झारखंड में लागू ई-कैबिनेट मॉडल की तर्ज पर ही इसे मप्र में लागू किया जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देश पर शुक्रवार को मंत्रालय में ई-कैबिनेट एप के संबंध में सभी मंत्रियों के विशेष सहायक, ओएसडी और निजी सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया। सीएस ऑफिस के उपसचिव डीके नागेंद्र, एनआईसी के डायरेक्टर अमित जैन और वल्लभ भवन के रजिस्ट्रार मनोज श्रीवास्तव ने मंत्रियों के स्टाफ को ई-कैबिनेट के एजेंडा की जरूरत और इसके कार्यों के बारे में बताया। इसमें बताया गया कि जनवरी महीने में होने वाली दो- तीन कैबिनेट बैठकें हाइब्रिड मोड पर होंगी, यानी टैबलेट के साथ-साथ मंत्रियों को एजेंडे का पेपर फोल्डर भी दिया जाएगा। तीन कैबिनेट बैठकों के बाद पेपर फोल्डर व्यवस्था को बंद कर सिर्फ टैबलेट पर ही डिजिटल फॉर्मेट में मंत्रियों को कैबिनेट के एजेंडे की कॉपी और निर्णयों के आदेश की कॉपी मिलेगी। फरवरी महीने से कैबिनेट से जुड़ी सभी सूचनाएं और दस्तावेज सिर्फ डिजिटल फॉर्मेट में दिए जाएंगे। रियल टाइम पर मिल सकेगी एजेंडे की कॉपी प्रशिक्षण में बताया गया कि ई-कैबिनेट एप से मंत्रियों को एजेंडे की कॉपी रियल टाइम और गोपनीयता के साथ पहुंचाई जा सकेगी। मंत्री कहीं भी और कभी भी कैबिनेट की कार्यसूची को देख सकेंगे और अपनी तैयारी कर सकेंगे। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, विधि विभाग के एसीएस और जनसंपर्क आयुक्त को भी ये टैब दिए जाएंगे।


