रायपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग खत्म करने का दावा एक बार फिर फेल हो गया है। प्रदेश के सबसे बड़े पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में नए बैच के चार मेडिकल स्टूडेंट्स से रैगिंग करने का मामला सामने आया है। इसमें 2023 बैच के सीनियर स्टूडेंट पर मारपीट का आरोप है। वो जूनियर छात्रों को हॉस्टल के कमरे में जबरदस्ती लेकर गया। फिर जमकर मारपीट की। इसके बाद भी उनका मन नहीं भरा तो छात्रों को हॉस्टल की छत पर लेजाकर पीट दिया। मारपीट की घटना से छात्रों का ग्रुप इतना डरा हुआ है कि उन्होंने अपने कॉलेज के किसी प्रोफेसर, डीन या स्थानीय निकाय में शिकायत के बजाय सीधे नई दिल्ली स्थित नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के एंटी रैगिंग सेल में शिकायत की है। इस शिकायत के आधार पर कॉलेज एंटी रैगिंग कमेटी ने आरोपी छात्र को 3 माह के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उसका मनोचिकित्सकीय मूल्यांकन कराने का भी फैसला लिया गया है। लेकिन इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर नहीं हुई है। आरोप है कि निष्कासन की कार्रवाई अन्य सीनियर छात्रों को बचाने और खानापूर्ति के लिए की गई है। 5 छात्रों ने मारा-पीटा, थप्पड़ जड़ने से छात्र हुआ बेहोश मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी किस तरह से काम कर रही है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मारपीट का शिकार होने वाले छात्रों ने कॉलेज के डीन या किसी प्रोफेसर से शिकायत करने के बजाय सीधे नेशनल एंटी रैगिंग कमेटी को ई-मेल किया। 2024 एमबीबीएस बैच के छात्रों के ग्रुप से करीब 12 दिन पहले रैगिंग की घटना हुई थी। इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को भी थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। आरोपी 2023 बैच के सीनियर छात्र अंशु जोशी को लगातार बचाने की कोशिश की जा रही थी। पीड़ित छात्रों की शिकायत के अनुसार 5 सीनियर छात्र 4 छात्रों को नए ब्वॉयज हॉस्टल के कमरा नंबर 17 में ले गए। यहां उन्हें 10-12 बार थप्पड़ मारे गए। इसके बाद उन्हें हॉस्टल की छत पर ले जाया गया, जहां फिर से मारपीट और गाली-गलौज की गई। एक छात्र बेहोश हो गया। उनकी शिकायत में कमरे में धूम्रपान और शराब की बोतलों की मौजूदगी का भी आरोप है। एनएमसी की एंटी रैगिंग सेल को शिकायत मिलने के बाद ही मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा गया। मामला बढ़ा तो पुरानी कमेटी भंग, अब नई कमेटी बनी घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की पुरानी कमेटी को भंग कर दिया गया है। अब नई कमेटी बनाई गई है, जिसका चेयरपर्सन कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी को बनाया गया है। इसके साथ एंटी रैगिंग स्कवाड का भी गठन किया गया है। जिसमें एक दर्जन से ज्यादा सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर भी शामिल हैं। कमेटी की अधिकृत घोषणा आजकल में होगी। ऐसे करें रैगिंग की शिकायत… कॉलेज में रैगिंग रोकने कॉलेज एंटी रैगिंग कमेटी बनाई गई है। इनके चेयरमैन और सदस्यों के नंबर भी कॉलेज व हॉस्टल में चस्पा हैं। मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटियों से शिकायत कर सकते हैं। रैगिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज मामले की भी पूरी जांच रिपोर्ट लेंगे। किसी भी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की कोई भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कमेटी बनाई गई है उन्हें सख्ती से काम करना ही होगा। – डॉ. यूएस पैकरा, डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन केवल एक छात्र पर कार्रवाई से उठे सवाल


