बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त कर बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान देना होगा

भास्कर न्यूज | जेवरतला रोड महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टटेंगा में शपथ ली। नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। कक्षा 11वीं वाणिज्य की छात्राएं पल्लवी, पायल, साधना, देविका, दिव्या, हिमानी, ललिता, लीलम एवं निधि ने संदेशपरक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। प्रभारी प्राचार्य टीएल देवांगन ने कहा कि यदि देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में शामिल कराना है तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त कर बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। वरिष्ठ व्याख्याता रेशमी साहू ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक बुराई बताया। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रतिबंध के बावजूद प्रतिवर्ष लाखों बच्चों का बाल विवाह हो रहा है। जिसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आते हैं। इसे समाप्त करने के लिए जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। व्याख्याता पवन सिन्हा एवं हेपशीबा एंथोनी ने कहा कि देश और प्रदेश की उन्नति के लिए बाल विवाह को जड़ से समाप्त करना होगा, जिसके लिए गांव, पंचायत, कस्बों के साथ-साथ धर्मगुरुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग आवश्यक है। व्याख्याता अजय पाठक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश से बाल विवाह को पूर्णतः समाप्त करना है। इस अवसर पर शिक्षक भागवत साहू, महेश रावटे, रवि देवांगन सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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