कुमार विश्वास बोले- राम मुसलमानों के भी हैं:धर्म बदलने से पूर्वज नहीं बदलते; नेताओं के बच्चे फंसने पर पिता का सहारा लेते हैं

रामकथा मर्मज्ञ और कवि डॉक्टर कुमार विश्वास ने शनिवार को कहा, भगवान रामलला को साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मामला चला। 30 साल तक चर्चा होती रही कि राम काल्पनिक हैं या असली। जिन पार्टियों ने बोला था कि राम को काल्पनिक घोषित करो, वो ही अब काल्पनिक हैं। राम किसी पार्टी की बपौती नहीं है, वो देश की आत्मा हैं, बच्चे के जन्म से लेकर मरने तक राम का नाम ही सुनाई देता है। राम सबके साझा हैं। राम खालसा के भी हैं और राम मुसलमानों के भी। लकीर खींचने से दूरियां नहीं बढ़ा करतीं, धर्म बदलने से पूर्वज नहीं बदलते। कुमार विश्वास आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित जेपी वेडिंग स्क्वायर में राम कथा सुनाने आए हैं। अब विस्तार से पढ़िए… किसने शर्त लगाई थी पहले दूसरे के धर्म स्थल तोड़ो
कुमार विश्वास ने इशारों में मंदिर-मस्जिद पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा- कोई भी धर्म इस बात की इजाजत नहीं देता कि दूसरे के धर्म स्थल को तोड़कर अपने धर्म स्थल बनाओ। मुझे एक गुरुद्वारा ऐसा दिखा दो, किसी और धर्म स्थान को तोड़कर बनाया गया हो, जैन धर्म के लोग क्षत्रियों के वंशज हैं। उनका मंदिर भी किसी धर्मस्थल को तोड़ कर नहीं बना। बगदाद वालों से पूछो कि अगर अपने धर्म का प्रचार करना था तो किसने शर्त लगाई थी कि पहले दूसरे के धर्म स्थल तोड़ो, फिर अपने बनाओ। सत्ता में बहुत सारे इंद्र, इनके लड़के छेड़छाड़ के बाद पिता का सहारा लेते हैं
कुमार विश्वास ने कथा सुनाई कि कौवे ने माता सीता के पैर में चोंच मारी थी। नेताओं पर तंज कसते हुए कहा- सत्ता में बहुत से इंद्र होते हैं। इंद्र के लड़के दिल्ली और लखनऊ में ही मिलते हैं। इंद्र के लड़कों की क्षमता है कि वो लोगों का आकलन उनके कपड़ों और ब्रांड से करते हैं। राजनेताओं और धनाढ्यों के बच्चे छेड़छाड़ करने के बाद बचने के लिए अपने पिताओं का सहारा लेते हैं। राजनेताओं पर तंज- कुंभ को मुद्दा क्यों नहीं बना रहे
कवि कुमार ने कहा- 22 जनवरी (रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का दिन) अब त्योहार हमारा है। राजनेता यहां बैठे हैं, आप किसी देश के धर्म को पार्टी का मुद्दा कैसे बना लेते हैं, कुंभ को मुद्दा क्यों बना रहे हैं? राजनेता को रामकथा से सीखना चाहिए। पहले राजा अपने आप राज पाट छोड़ते थे, अब नेता अपनी कुर्सी नहीं छोड़ते। जो कुंभ नहीं जा पाए वो रामकथा जरूर सुनें
मैं कुंभ होकर आ गया हूं। राम की कहानी गंगा स्नान की तरह है। जो वहां नहीं जा पाए, वो राम कथा सुनकर स्नान का आनंद लीजिए। कथा में भक्त होकर बैठिए विभक्त होकर नहीं। मेरी सांस्कृतिक यात्रा में आगरा महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। मैं यहां पर समय-समय पर कार्यक्रम के लिए आता रहा हूं। इस शहर से मेरा पुराना नाता रहा है। कुमार विश्वास ने कहा- कलयुग में सबसे बड़ा संशय है। अपनी प्रतिभा पर भरोसा नहीं करना। पंडाल में करतल ध्वनि संशय रूपी पक्षी को उड़ाने के लिए है। उन्होंने भजन सुनाया- राम भजन सुंदर करतारी, संशय विहग उड़ावनहारी, मंगल भवन अमंगल हारी, कबहु सुदशरथ अजिर बिहारी। राम दृष्टा भी हैं और दृष्टि भी
कुमार विश्वास ने भजन सुनाया- राम दृष्टा भी हैं और दृष्टि भी हैं। राम एकांक हैं, और महफिल भी हैं। राम रस्ता भी हैं, राम मंजिल भी हैं। राम मनहर भी हैं, और मनस्वी भी हैं। राम राजा भी हैं, और तपस्वी भी हैं। राम मानस भी हैं। राम गीता भी हैं। आधार कार्ड देखकर लोगों को दी गई एंट्री
आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य आयोजक अजय अग्रवाल रमेश अवस्थी ने आज शाम करीब 6 बजे दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में दोपहर 2 बजे के बाद से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। आधार कार्ड देखकर लोगों को एंट्री दी गई। भीड़ को देखते हुए यहां पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पंडाल में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। वहां पर पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। दस हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान
श्रीराम सेवा मिशन के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया- हमारी संस्था पिछले 12 साल से भगवान राम की कथा का आयोजन करा रही है। इस बार अयोध्या में भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा के एक साल का समय पूरा होने के उपलक्ष्य में ही इस कार्यक्रम का आयोजन आगरा में किया जा रहा है। इस बार कथा के लिए कवि डॉ. कुमार विश्वास को बुलाया गया है। वह दिव्य चरित्र के मार्मिक प्रसंगों का वर्णन करेंगे। भगवान राम के इस बार कथा दो दिन 18 और 19 जनवरी को रखी गई है। जिसमें करीब दस हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। ……………………… यह खबर भी पढ़े लखनऊ में भतीजे ने की थी चाची-बहन की हत्या:माफी मांगने घर गया, नहीं मानी तो मार डाला; कॉल डिटेल से खुलासा लखनऊ में मां-बेटी की हत्या करने वाले भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका चाची के साथ प्रेम प्रसंग था। वह उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जबकि भतीजा शादी नहीं करना चाहता था। इसी के चलते गुरुवार को भतीजे ने घर में घुसकर मां-बेटी की हत्या कर दी। यह पढ़े पूरी खबर

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