भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीजीबीएसई) की 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर कलेक्टर चंदन त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभा कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों के छमाही परीक्षा परिणामों का समीक्षा की गई और कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई। यहां बता दें कि इस साल छमाही परीक्षा में कक्षा 12वीं का 92 और 10वीं का परीक्षा परिणाम 87.2 प्रतिशत रहा है। वहीं 20 जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। ऐसे में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने प्राचार्यों को निर्देश दिए कि सभी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई ब्लूप्रिंट के आधार पर कराई जाए और महत्वपूर्ण प्रश्नों का नियमित लिखित अभ्यास कराएं। उन्होंने विशेष रूप से मेधावी छात्रों की यूनिटवार कॉपियों की नियमित जांच करने और उदाहरणों के माध्यम से अधिक से अधिक प्रश्न-पत्र हल करवाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने सभी स्कूलों से मिशन-100 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप अपने छमाही परिणामों के आधार पर बोर्ड परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनवरी, फरवरी और मार्च माह में सभी संस्था प्रमुखों और व्याख्याताओं को जिला कार्यालय की अनुमति के बिना अवकाश पर नहीं रहने दिया जाएगा। साथ ही, जिले के सभी विद्यार्थियों का आधार आईडी संकुल द्वारा समयबद्ध तरीके से तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में अंतर स्कूल प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और उन्मुखीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया। इस दौरान डीईओ, बीईओ समेत स्कूलों के प्राचार्य समेत शासकीय और निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संकुल स्तर पर शिक्षकों की टीम बनेगी: सीईओ बैठक में तिमाही और छमाही परीक्षाओं के कमजोर परिणामों को लेकर चिंता व्यक्त की गई। बोर्ड परीक्षा के नजदीक होने के कारण मिशन-100 को हासिल करना चुनौतीपूर्ण बताया। जिपं सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई अच्छी तरह कराई जाए, ताकि वे भविष्य में परीक्षाओं के लिए भी तैयार हो सकें। विद्यालयों में कोर्स पूरा कराने, रीविजन, सरप्राइज टेस्ट आयोजित करने के साथ कठिन विषयों के लिए संकुल स्तर पर शिक्षकों की टीम गठित करने की बात कही।


