बायतु फिर बाड़मेर में शामिल, बालोतरा में गुड़ामालानी:सीमा-बदलाव पर कांग्रेस का विरोध; विधायक बोले- राजनीति-मकसद से तहसीलों को तोड़ा गया, ना डरूंगा, ना झुकूंगा

राज्य सरकार ने बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल का नोटिफिकेशन जारी किया है। 2 साल बाद बायतु उपखंड को फिर से बाड़मेर जिले में शामिल किया गया है, जबकि गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंड बालोतरा जिले में जोड़े गए हैं। इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर जनविरोधी निर्णय का आरोप लगाया है। नोटिफिकेशन से बदली प्रशासनिक तस्वीर 31 दिसंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार बायतु विधानसभा क्षेत्र को पुनर्गठित किया गया है। पहले बायतु विधानसभा में गिड़ा, पाटोदी और बायतु तहसील शामिल थीं। नए निर्णय के तहत गिड़ा और पाटोदी को बालोतरा जिले में यथावत रखा गया है, जबकि बायतु तहसील को दोबारा बाड़मेर जिले में शामिल किया गया है। वहीं गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंड को नए जिले बालोतरा में जोड़ा गया है। बायतु विधायक का शायराना विरोध नोटिफिकेशन के बाद बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सोशल मीडिया पर शायराना अंदाज में विरोध जताया। उन्होंने लिखा-“तुम इधर भेजो मुझे, तुम उधर भेजो मुझे,नक्शों से खेल कर चाहे जिधर भेजो मुझे।सीमाएं बदलने से ना डरूंगा, ना झुकूंगा,मैं अपने लोगों के साथ खड़ा हूं, चाहे किधर भेजो मुझे।” उन्होंने हैशटैग #बढ़ता_बायतु भी लिखा। हरीश चौधरी का आरोप हरीश चौधरी ने कहा कि बाड़मेर-बालोतरा की सीमाओं में बदलाव राजनीतिक मकसद से किया गया है। तहसीलों को तोड़ने का निर्णय अव्यवहारिक है। कांग्रेस इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ जनता के बीच जाएगी। पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी की आपत्ति पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने भी अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि धोरीमन्ना उपखंड को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा में शामिल करना और गुड़ामालानी उपखंड के पश्चिमी व दक्षिणी गांवों में किया गया प्रशासनिक बदलाव जमीनी हकीकत और लोगों की सुविधाओं के विपरीत है। उन्होंने सरकार से अधिसूचना पर पुनर्विचार की मांग की है। बालोतरा जिले में अब 5 उपखंड सीमा बदलाव के बाद बालोतरा जिले में अब 5 उपखंड हो गए हैं- बालोतरा, सिणधरी, सिवाना, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी। जिले में 9 तहसील और 4 उपतहसील रहेंगी। बाड़मेर में 7 उपखंड, 11 तहसील बाड़मेर जिले में अब 7 उपखंड और 11 तहसील होंगी। इसके साथ ही 7 उपतहसीलों का प्रशासनिक दायरा भी तय किया गया है। सीमा पुनर्गठन के बाद दोनों जिलों में प्रशासनिक संरचना पूरी तरह बदल गई है।

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