राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में अनियमितताओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बीते एक सप्ताह में योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले 6 फार्मा स्टोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इनमें से 4 पर एफआईआर दर्ज कराई गई है, जबकि 2 को योजना से बाहर कर दिया गया है। खास बात यह है कि दो फार्मा स्टोर संचालकों ने बाजार से दवाइयां और इंजेक्शन खरीदे ही नहीं, लेकिन उन दवाईयों को RGHS के नाम पर देना बताकर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए हड़प लिए। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि पहले की जांचों में दोषी पाए गए मामलों में पुलिस विभाग ने 4 और आयुर्वेद विभाग ने 10 कर्मचारियों को सस्पेंड किया है। कुल 14 कर्मचारी निलंबित किए गए हैं इसके अलावा, शिकायतों और अपनी जांच के आधार पर 19 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और रिकवरी के लिए पत्र जारी किया हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ऐसे मामलों में 54 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये अनियमितताएं सरकारी कर्मचारियों और मेडिकल फर्मों की मिलीभगत से सामने आई है। कई मामलों में बिना दवाएं बेचे या ही फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपए का भुगतान उठाया गया। इन फार्मा स्टोर पर हुई कार्रवाई राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि भीलवाड़ा के हरिकृष्णा मेडिकल स्टोर और सावरिया फार्मा स्टोर पर अनियमितताओं के लिए ड्रग लाइसेंस सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इन स्टोर ने ऐसी दवाओं और इंजेक्शन का RGHS में बिक्री दिखाकर गलत तरीके से भुगतान लिया, जो इन्होंने खरीदे ही नहीं। कुल मिलाकर, इन स्टोर ने बिना दवा खरीदे ही करीब 27 लाख रुपए की रकम उठा ली। इसके अलावा, नागौर के रेन और जायल में कॉन्फेड फार्मा स्टोर पर RGHS पर्चियों में छेड़छाड़ कर गलत तरीके से भुगतान लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही, गंभीर अनियमितताओं के चलते बीकानेर की कॉन्फेड फार्मा शॉप नंबर 06 और हनुमानगढ़ की शॉप नंबर 05 को योजना से हटा दिया गया है। — ये खबर भी पढ़ें बिना GPS के चल रहीं राजस्थान की 108-104 एम्बुलेंस:इसलिए घटनास्थल पर पहुंचने में समय लग रहा, ऑपरेटर कॉलर से फोन पर लोकेशन पूछता रहता राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग ने एम्बुलेंस सर्विस को जीपीएस बेस लाइव लोकेशन ट्रेस करने की सुविधा से जोड़ने की मांग गृह विभाग से की है। ताकि इमरजेंसी के समय 108 या 104 पर आने वाली कॉल को जीपीएस के मोबाइल से लोकेशन ट्रेस करके कम समय में एम्बुलेंस को घटना स्थल तक पहुंचाया जा सके। (पूरी खबर पढ़ें)


