भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाओं की पहचान तेजी से बदल रही है। सीमित संसाधनों तक सिमटी रहने वाली महिलाएं अब ई-रिक्शा चलाने से लेकर लघु उद्योग संचालित करने तक हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूती देने के लिए जिले की 18 पंचायतों में महतारी सदन भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें बगीचा विकासखंड के कुर्रोग, पत्थलगांव के लुड़ेग, मनोरा के सोनक्यारी, कुनकुरी के ढोढ़ीबहार और कांसाबेल के बगिया सहित अन्य पंचायतें शामिल हैं। जिले की दो लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। अब तक 448 करोड़ रुपए की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। इस आर्थिक सहयोग से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे छोटे-बड़े स्वरोजगार शुरू कर अपने परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी उदाहरण ई-रिक्शा वितरण के माध्यम से सामने आया है। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर 12 स्व-सहायता समूहों को ई-रिक्शा प्रदान किए। आज तपकरा की राजकुमारी पैंकरा और छेरडांड की संगीता देवी जैसी कई महिलाएं आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर न केवल अपनी आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बना रही हैं।


