सतना जिला अस्पताल में टिटनेस का एक गंभीर मामला सामने आया है। मजदूरी के दौरान पैर में कील चुभने के बाद समय पर एंटी टेटनस इंजेक्शन नहीं लगवाने से युवक की हालत बिगड़ गई। फिलहाल मरीज को आईसीयू में भर्ती कर लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मुन्ना सिंह (19) नाम का युवक परिवार के साथ मैंगलौर में मजदूरी करता था। सरिया-शटरिंग के काम के दौरान उसके तलवे में दो जगह कील चुभ गई थी। चोट लगने पर खून भी निकला, जिसके बाद उसने प्राथमिक उपचार तो कराया, लेकिन टेटनस टॉक्सॉइड (टीटी) का इंजेक्शन नहीं लगवाया। एक हफ्ते में बिगड़ी हालत, शरीर में अकड़न शुरू कील चुभने के करीब सात दिन बाद युवक को शरीर में तेज दर्द और अकड़न महसूस होने लगी। धीरे-धीरे स्थिति गंभीर होती चली गई। हालत बिगड़ने पर वह गांव लौटा और पहले मैहर सिविल अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों को टिटनेस की आशंका हुई, जिसके बाद उसे सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आईसीयू में भर्ती, लाइफ सपोर्ट पर इलाज जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीज पिछले चार दिनों से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है। उसे ऑक्सीजन के साथ लिक्विड डाइट दी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, हल्की सी हरकत करने पर भी पूरे शरीर में तेज अकड़न हो जाती है। फिलहाल विशेषज्ञों की निगरानी में इम्यूनोग्लोबुलिन देकर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर बोले- 20 दिन में ठीक होने की उम्मीद मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. बद्री विशाल सिंह ने बताया कि अस्पताल लाने के समय मरीज को सांस लेने में दिक्कत, असहनीय दर्द और पूरे शरीर में अकड़न थी। समय पर इलाज शुरू होने से अब हालत स्थिर है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में करीब 20 दिन का समय लग सकता है। डॉ. सिंह ने लोगों को सलाह दी कि चोट लगने पर एंटी-टिटनेस इंजेक्शन अवश्य लगवाना चाहिए।


