भास्कर न्यूज | धमतरी धमतरी पुलिस ने सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत 1 जनवरी को की है। दूसरे दिन शुक्रवार को यातायात शाखा द्वारा गांधी चौक से शहर में हेलमेट जागरूकता रैली निकाली। रैली शहर का भ्रमण कर लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के महत्व के बारे में जागरूक किया। रैली को एसपी सूरज सिंह परिहार ने हरी झंडी देकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं। पुलिस विभाग का दावा है कि जिले में वर्ष 2025 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2024 की तुलना में 19% की कमी दर्ज की गई, वहीं दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 6.21% की गिरावट आई। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती दिखाते हुए उनके वाहन जब्त किए गए, जिससे दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिली। स्कूली बच्चों ने जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, हेलमेट पहनें- सुरक्षित घर लौटें तथा सावधानी हटी- दुर्घटना घटी जैसे नारों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया। यातायात जागरूकता एवं नशा मुक्ति से संबंधित स्लोगन लिखी तख्तियों के माध्यम से जनसंदेश प्रचारित किया गया। कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करना है। इस अवसर पर एएसपी मणिशंकर चंद्रा, सीएससी धमतरी अभिषेक चतुर्वेदी, जिला परिवहन अधिकारी अब्दुल मुजाहिद, कोतवाली टीआई राजेश मरई, यातायात प्रभारी खेमराज साहू समेत शिक्षक, समाजसेवी संगठन, स्काउट–गाइड के सदस्य उपस्थित थे। हेलमेट आवश्यकता नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच एसपी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि हेलमेट केवल कानूनी पालन का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन को सुरक्षित रखने के लिए एक अनमोल कवच है। सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौत और गंभीर चोटों को कम करने के लिए हेलमेट का उपयोग जरूरी है। वाहन चालक के अलावा पीछे बैठे व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। कई दुर्घटनाओं में देखा गया है कि हेलमेट पहनने वाले चालक की जान बच जाती है, जबकि पीछे बैठे बिना हेलमेट वाले व्यक्ति को गंभीर चोट लगती है या उनकी मृत्यु हो जाती है।


