रेड लाइटों पर मांगने वाले किन्नरों पर हो एक्शन:महंत भोली माई बोली-हमारे समाज की छवि कर रहे खराब,प्रशासन खदेड़े

लुधियाना में दो दिन पहले भारत नगर चौक पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब किन्नरों के एक समूह ने बीच सड़क पर हंगामा खड़ा कर दिया। इस दौरान न केवल ट्रैफिक जाम हुआ बल्कि एक कार सवार परिवार को भी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार का आरोप था कि रेड लाइट पर मांगने वाले किन्नरों ने उनसे बदतमीजी की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब अखिल भारतीय सनातन धर्म किन्नर समाज की प्रमुख माई भोली महंत ने रेड लाइट पर रुपए मांगने वाले किन्नरों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। महंत भोली ने कहा कि हमारे महंतों में ऐसा कुछ नहीं है कि रेड लाइट आदि पर लोगों से पैसे मांगें जाए। हम सिर्फ बच्चा पैदा होने और शादी समारोह दौरान ही बधाई लेते है। हमारा समाज सिर्फ लोगों के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगता है। भारत नगर चौक में जिस परिवार के साथ खुद को किन्नर कहने वाले लोगों ने बदतमीजी की है उनके खिलाफ प्रशासन को सख्त एक्शन लेना चाहिए। रेड लाइट पर पैसे मांगने वालों को भगाए प्रशासन प्रशासन को रेड लाइटों से इस तरह के लोगों को भगाना चाहिए जो किन्नर समाज का नाम बदनाम कर रहे हैं। जिन लोगों ने हाइवोल्टेज परिवार के साथ किया है उन लोगों के साथ हमारा कोई लेना-देना नहीं है। वह किसके चेले है ये भी पता नहीं। यदि उनका कोई माई-बाप है तो उसे आगे आना चाहिए। हमारी प्रशासन से मांग है कि लोगों के साथ गलत व्यवहार करने वालों के खिलाफ तुरंत एक्शन लेना चाहिए। पूरे शहर में हमारा समाज बधाई लेने का काम करता है लेकिन कभी किसी को हम बददुआ नहीं देते, क्योंकि भगवान ने हमें दुआ देने के लिए बनाया है। क्या था पूरा मामला दो दिन पहले भारत नगर चौक से एक पीड़ित परिवार ने अपनी कार में सवार होकर चौक से गुजर रहा था। तभी खुद को किन्नर कहने वाले कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और बधाई (पैसे) की मांग करने लगे। कार चालक के साथ उसकी पत्नी और अन्य परिजन भी मौजूद थे। परिवार ने जब पैसे देने से इनकार किया तो किन्नरों ने बदतमीजी शुरू कर दी। पीड़ित परिवार ने बताया था कि वे इस समय एक गहरे पारिवारिक दुख से गुजर रहे हैं। कार में सवार महिला ने रोते हुए बताया मेरे पिता का हाल ही में निधन हुआ है और हम उसी के संबंध में किसी बहुत जरूरी काम से बाहर निकले थे। हमने उन्हें अपनी स्थिति समझाने की कोशिश की, लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। उन्होंने न केवल हमें गालियां दीं बल्कि बीच सड़क पर तमाशा कर हमें अपमानित भी किया।

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