शाजापुर जिले में अवैध कॉलोनियों का निर्माण लगातार जारी है, जबकि प्रशासन की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित दिख रही है। प्रशासन ने 28 भूस्वामियों सहित कुल 31 लोगों को नोटिस और सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा है। ये नोटिस कलेक्टर और एसडीएम शाजापुर के नाम से जारी किए गए हैं। इससे पहले तीन कॉलोनाइजरों को भी नोटिस दिए गए थे। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी कार्रवाई की गई है। पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर राजीव शर्मा के निर्देश पर एसडीएम लक्ष्मी गामड़ ने जांच कर 99 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए थे। हालांकि, उन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब एक बार फिर 31 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है, लेकिन इस सूची में कई बड़े कॉलोनाइजरों के नाम शामिल नहीं होने से कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। शाजापुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां के निवासी लंबे समय से जिला प्रशासन से शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया है और न ही अवैध निर्माण पर कोई सख्त कदम उठाया गया है। गंभीर बात यह है कि शाजापुर में एक दर्जन से अधिक शासकीय और माफी औकाफ की भूमि पर भी अवैध कॉलोनियों का निर्माण हो चुका है। शिकायतों के बावजूद, राजस्व अमला इन भूमियों पर नामांतरण और डायवर्सन करता रहा है, जिससे प्रशासन की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। शहर के बड़े भूमाफिया राजनीतिक संरक्षण के कारण अक्सर कार्रवाई से बचते रहे हैं। ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस बार प्रशासन केवल नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी करेगा या वास्तव में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलेगा। चिन्हित अवैध कॉलोनी और भूस्वामियों के नाम


