सीधी के रामपुर नैकिन ब्लॉक अंतर्गत खड्डी गांव में संचालित शासकीय खड्डी महाविद्यालय गंभीर अव्यवस्थाओं का सामना कर रहा है। 2023 में स्थापित इस महाविद्यालय में वर्तमान में 265 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन उनकी कक्षाएं केवल तीन जर्जर कमरों में संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, एक कमरा कार्यालय के लिए इस्तेमाल में लिया जा रहा है, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
शिक्षकों ने दो कमरों में मिट्टी डालकर किया समतल महाविद्यालय के प्रारंभिक संचालन के लिए खड्डी हायर सेकेंडरी स्कूल से चार कमरे आवंटित किए गए थे। इनमें से तीन कमरे बीए, बीकॉम और बीएससी की कक्षाओं के लिए निर्धारित थे। हालांकि, इन तीनों कमरों की हालत अत्यंत दयनीय पाई गई। शिक्षकों के प्रयासों से दो कमरों में गहरे गड्ढों को मिट्टी डालकर किसी तरह समतल किया गया ताकि छात्र बैठ सकें। तीसरा कमरा दीवारों में दरार, उखड़े फर्श और पूरी तरह जर्जर छत के कारण अनुपयोगी घोषित कर दिया गया है। बरसात के मौसम में इस कमरे की छत से पानी टपकता है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। छात्रों के बैठने की भी व्यवस्था नहीं बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा शिखा पांडेय ने बताया कि कक्षाओं में पानी भर जाना, फर्श में एक से दो फीट तक गड्ढे और सांप-कीड़ों का निकलना आम बात हो गई है। महाविद्यालय में न तो लैब की सुविधा है और न ही छात्रों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था उपलब्ध है। दीवारों की दरारों से निकलते हैं सांप-कीड़े महाविद्यालय के अतिथि विद्वान डॉ. अजय सिंह गहरवार ने बताया कि अगस्त 2025 से महाविद्यालय इसी परिसर में संचालित हो रहा है। शासन से प्राप्त कुर्सी-टेबल भी केवल उन्हीं दो कमरों में रखी जा सकी, जिन्हें अस्थायी रूप से सुधारा गया था। हर दिन 50 से 60 छात्र नियमित रूप से कक्षाओं में पहुंचते हैं, लेकिन सभी के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाती। बरसात में दीवारों की दरारों से सांप और अन्य जीव निकलने से सुरक्षा एक गंभीर विषय बनी हुई है।


