उमरिया में बच्चों ने जानी वन-वन्यजीवों की अहमियत:अनुभूति कैंप में अधिकारियों ने बताया जंगल आजीविका का साधन

उमरिया के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बच्चों के लिए अनुभूति कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। इन कैंपों का उद्देश्य बच्चों को वन और वन्य प्राणियों के महत्व से अवगत कराना है। मध्य प्रदेश में ऐसे कुल 950 कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लगभग 1 लाख 20 हजार बच्चे शामिल होंगे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के नौ परिक्षेत्रों में ये कैंप लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, खितौली परिक्षेत्र के कामतागढी क्षेत्र में आयोजित एक अनुभूति कैंप में 120 बच्चे पहुंचे। यहां अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) के.एल. कृष्ण मूर्ति, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय, उप संचालक पी.के. वर्मा और खितौली परिक्षेत्र की अधिकारी स्वस्ति श्री जैन सहित अन्य अधिकारी व मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा मौजूद रहे। अधिकारियों ने बच्चों को वन और वन्य प्राणियों की विस्तृत जानकारी दी और उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित किया। के.एल. कृष्ण मूर्ति ने बच्चों से बातचीत करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण दिया, यह समझाते हुए कि गांव में रहकर भी पढ़ाई और मेहनत से आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने जंगली जानवरों की सुरक्षा और वन्य प्राणियों के बारे में भी बताया। बच्चों को जंगल का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें महुआ, पलाश और तेंदु जैसे पेड़ों की विशेषताओं और उपयोगिता के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जंगल के सभी पेड़ उपयोगी होते हैं और उनकी सुरक्षा आवश्यक है। यह भी बताया गया कि पलाश के फूलों से होली का गुलाल बनता है, जबकि तेंदु और महुआ ग्रामीणों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन हैं। कैंप में बच्चों को अपने परिवारजनों और आसपास के लोगों को भी वनों तथा वन्य प्राणियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि आग लगने या किसी वन्य प्राणी के बारे में जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। पूरे कैंप के दौरान प्लास्टिक का उपयोग न करने पर जोर दिया गया। एक छात्रा पलक ने बताया कि उसे कैंप बहुत अच्छा लगा और यहां वनों तथा वन्य प्राणियों की सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के.एल. कृष्ण मूर्ति ने बताया कि ये कैंप 15 दिसंबर से 30 जनवरी तक आयोजित किए जाएंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *