उज्जैन में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लापरवाह वाहन चालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड और यातायात विभाग ने मिलकर ‘यातायात जागरूकता माह’ का शुभारंभ किया। इसकी शुरुआत नाना खेड़ा चौराहे पर गीत-संगीत और जनसंवाद के माध्यम से की गई। इस अभियान के तहत, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले या बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को दंडित करने के बजाय, उन्हें प्रतीकात्मक रूप से तुलसी का पौधा भेंट किया जा रहा है। यह पहल उन्हें सुरक्षा नियमों की अनदेखी के प्रति जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने के लिए की गई है। स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में देश के युवाओं को सर्वाधिक क्षति होती है। उनका मानना है कि यदि युवा सुरक्षित रहेंगे, तो देश प्रगति करेगा। इसी सोच के साथ यह अभियान पूरे जनवरी माह तक चलेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अभियान के दौरान आमजन को आईएसआई प्रमाणित हेलमेट सब्सिडी और रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से कोई भी व्यक्ति सुरक्षा उपकरणों से वंचित न रहे। कार्यक्रम में यातायात पुलिस और स्मार्ट सिटी की टीम ने लोगों को मोबाइल से ध्यान हटाकर वाहन चलाने, हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। गीत-संगीत और संवाद के माध्यम से इस संदेश को प्रभावी बनाया गया, जिसमें राहगीरों और वाहन चालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य सजा के बजाय समझाइश और संस्कारों के माध्यम से सुरक्षित यातायात संस्कृति का विकास करना है। उज्जैन स्मार्ट सिटी और यातायात विभाग का यह संयुक्त प्रयास शहर को सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


