एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ में तीन निलंबित कर्मचारियों को सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा ने बहाल कर दिया है। कमिश्नर ने अपने आदेश में एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की कार्रवाई को एकपक्षीय और द्वेषपूर्ण बताया। तीनों कर्मचारियों को उनके पूर्व पदस्थापना स्थान पर ही पदस्थ किया गया है। यह मामला ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन’ की हड़ताल से जुड़ा है। हड़ताल के दौरान फेडरेशन के जिला संयोजक गोपाल सिंह, संभागीय संयोजक संजय पांडेय और सफाई विभाग के कर्मचारी सुरेंद्र प्रसाद कलेक्ट्रेट कार्यालय में हड़ताल का समर्थन मांगने गए थे। शांति भंग करने के आरोप में कलेक्टर ने की थी कार्रवाई इसकी जानकारी मिलने पर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने पहले पुलिस बुलाकर शांति भंग करने के आरोप में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन की कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मनेन्द्रगढ़ विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की थी। मंत्री जायसवाल ने सरगुजा कमिश्नर से बात कर मामले के निराकरण का आश्वासन दिया था। पूर्व विधायक ने कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया वहीं, इस मामले में विपक्ष भी लगातार हमलावर रहा। कांग्रेस के पूर्व विधायक और छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष गुलाब कमरो ने धरना स्थल पहुंचकर कलेक्टर की कार्रवाई को अनैतिक और अलोकतांत्रिक बताया था। पूर्व विधायक कमरो ने निलंबन वापस नहीं लिए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।


