यूनिवर्सिटी शिक्षकों में रिसर्च के प्रति रुचि कम होते जा रही है। इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए राशि (सीड मनी) उपलब्ध कराने के लिए विवि द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन जमा करने के लिए शनिवार (18 जनवरी) अंतिम दिन था। लेकिन सिर्फ 09 शिक्षकों ने रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाते हुए रिसर्च के लिए आवेदन जमा किया है। बेहद कम संख्या में आवेदन आने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने चिंता जताते हुए विवि शिक्षकों को एक और मौका दिया है। कहा है कि रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए आवेदन जमा करने की तिथि 31 तक बढ़ा दी गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा विवि शिक्षकों से बार-बार रिसर्च पर फोकस करने और समुचित कदम उठाने के लिए कहा था। लेकिन आवेदन मांगे जाने के बाद भी शिक्षकों की रुचि रिसर्च के प्रति नहीं जगी है। किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान वहां होने वाले रिसर्च से होती है। अब पीजी विभाग में सेवा दे रहे शिक्षक यह भी नहीं कह सकते हैं सुविधाओं का अभाव है। तकरीबन सभी विभागों में पर्याप्त बेसिक सुविधाएं हैं, जो राज्य के अन्य विवि के पास नहीं है। आवेदन देने का एक और मौका रिसर्च प्रोजेक्टर के लिए शिक्षकों ने बेहद कम आवेदन जमा किया है, जो चिंतित करने वाला है। शिक्षकों को एक और मौका देते हुए 31 जनवरी तक आवेदन जमा करने की तिथि बढ़ा दी गई है। इसके बाद विवि प्रशासन समुचित कदम उठाया जाएगा। डॉ. अजीत कुमार सिन्हा, वीसी आरयू


