मंईयां सम्मान योजना में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। अब गढ़वा में ऐसे ही फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कुपा पंचायत के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएचसी) संचालक नवनीत कुमार पटेल, सत्यनारायण गुप्ता और अजित प्रजापति ने 21 लाभुकों के बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड की जगह पोर्टल पर अपने रिश्तेदारों का खाता संख्या डाल दिया। इससे असली लाभुकों के खाते में पैसे नहीं गए। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद खरौंधी के सीओ से इसकी जांच कराई गई। जांच में आरोप सही मिले। इसके बाद इनसे वसूली कर असली लाभुकों के खाते में पैसे भेजे गए। इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों सीएससी संचालकों के आईडी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए। -शेष पेज 15 पर इधर, अयोग्य लोगों को दिया अबुआ आवास, पंचायत सचिव सस्पेंड, बीडीओ को शोकॉज गढ़वा के खरौंधी पंचायत में अयोग्य लाभुकों को अबुआ आवास देने का मामला भी सामने आया है। जांच में पता चला कि नौ अयोग्य लाभुकों को इसका लाभ दिया गया है। इनमें से सात के खाते में पहली किस्त जा चुकी है। जांच में खुलासा होने के बाद राशि वापस ले ली गई। वहीं खरौंधी पंचायत सचिव शशि कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मुखिया मंजू देवी को भी निलंबित करने की अनुशंसा राज्य निर्वाचन आयोग से की गई है। प्रखंड समन्वयक रविरंजन और बीडीओ रविंद्र कुमार को सुपरविजन में लापरवाही बरतने के आरोप में शोकॉज किया गया है। चेताया है कि अगली बार लापरवाही हुई तो जवाबदेही तय करते हुए विभागीय कार्यवाही की जाएगी। यहां जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि नौ अयोग्य लाभुकों को अबुआ आवास स्वीकृत किया गया है। जांच में पता चला कि लाभुकों का ग्राम सभा से चयन, निबंधन व जियोटैग में लापरवाही बरती गई। शिकायत की पुष्टि होते ही गढ़वा डीसी ने यह कार्रवाई की।


