कोटपूतली के कांसली-शुक्लाबास रोड पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। यह विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब ओवरलोड ट्रकों को रोककर डीटीओ से चालान करवाने के बाद ट्रांसपोर्ट मालिकों ने एक ग्रामीण के साथ कथित तौर पर मारपीट की। ग्रामीण अब भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए एकजुट हो गए हैं। ग्रामीणों ने विधायक धनकड़ का पुतला फूंका आक्रोशित ग्रामीणों ने धरना स्थल पर विराटनगर विधायक कुलदीप धनकड़ का पुतला फूंका। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक के दबाव के कारण प्रशासन और पुलिस भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है, क्योंकि क्षेत्र के कई क्रेशरों में कुलदीप धनकड़ की साझेदारी है। एएसआई पर धक्का-मुक्की के आरोप दोपहर बाद सरुण्ड पुलिस थाने से जाप्ता मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि एएसआई ओमप्रकाश ने शांति व्यवस्था बनाने के बजाय धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और समाजसेवी राधेश्याम शुक्लाबास के साथ धक्का-मुक्की की। बीच-बचाव करने आईं महिलाओं को भी कथित तौर पर अपशब्द कहे गए और जबरन धरना समाप्त करने का दबाव बनाया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस खनन माफियाओं का साथ देने के आरोप स्थानीय निवासी राधेश्याम शुक्लाबास ने बताया- एएसआई ओमप्रकाश ने सभी ग्रामीणों को अपशब्द कहे, जिससे उनमें भारी आक्रोश बढ़ गया। मौके की स्थिति को भांपते हुए पुलिस वहां से रवाना हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस हमेशा खनन माफिया का साथ देती है, लेकिन वे किसी भी सूरत में नहीं झुकेंगे और अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।


