AI फोटो अपलोड कर दिलाया राष्ट्रपति अवार्ड… 4 टीचर सस्पेंड:भास्कर ने किया था खुलासा; जल संरक्षण में एमपी बना था देश में अव्वल

खंडवा जिले में जल संरक्षण अभियान के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पहली ठोस कार्रवाई की है। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद जांच में यह सामने आया कि कुछ शिक्षकों ने अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए बिना ही AI से तैयार फर्जी फोटो और पड़ोसी मकानों की निकासी पाइपलाइन को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बताकर “कैच द रेन” पोर्टल पर अपलोड कर दिया। जांच के बाद 4 शिक्षकों को निलंबित किया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने और वेतन कटौती की कार्रवाई की गई है। कैसे हुआ फर्जीवाड़ा
जिला प्रशासन की जांच में पाया गया कि ओंकारेश्वर संकुल केंद्र के अंतर्गत कुछ शिक्षकों ने अपने निवास पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया। इसके बावजूद आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर कूट रचित (फर्जी) फोटो तैयार किए और उन्हें पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इन्हीं फर्जी प्रविष्टियों के आधार पर जिले के जल संरक्षण के आंकड़े बढ़ाए गए। कलेक्टर ने की दोषियों पर कार्रवाई
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ओंकारेश्वर हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य जगदीश मुनेवर के निलंबन का प्रस्ताव आयुक्त शिक्षा विभाग को भेजा गया है। दिनेश चौहान, सरिता सोलंकी और भारती यादव की दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का प्रस्ताव आयुक्त लोक शिक्षण, भोपाल को भेजा गया है। इन शिक्षकों को किया सस्पेंड संध्या राजपूत उच्च श्रेणी शिक्षक अतिथि शिक्षकों पर भी कार्रवाई राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आंकड़ों में हेरफेर
जल संचयन जन भागीदारी अभियान में आंकड़ों में हेरफेर कर जिले को देश में पहला स्थान दिलाया गया। इसी आधार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को सम्मानित करते हुए 2 करोड़ रुपए का पुरस्कार प्रदान किया था। हालांकि, शिक्षकों पर कार्रवाई के बावजूद डीईओ, डीपीसी, एडीपीसी, बीईओ और बीआरसी स्तर के कई अधिकारियों के घरों में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं होने की बात सामने आई है, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें 2-2 फीट गड्‌ढे को कुआं बताया; कलेक्टर-सीईओ का सरकारी झूठ एमपी के खंडवा जिले को सबसे ज्यादा जल संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण के उत्कृष्ट कामों के लिए जो पहला पुरस्कार मिला है, दरअसल वो इस साल का सबसे बड़ा सरकारी झूठ है। प्रशासन ने जिन तालाबों, डक वैल और स्टॉप डैम के निर्माण का दावा किया वो हकीकत में जमीन पर मौजूद ही नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

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