जनविरोधी कानूनों के खिलाफ यूनाइटेड फ्रंट के आह्वान पर मोटरसाइकिल मार्च मेहतपुर से शुरू होकर गांव शाहपुर, मंडियाला, बुलंदा, उधोवाल, बालोकी, बीर बालोकी, आदरामान होते हुए संगोवाल पहुंचा। मार्च का उद्देश्य “विकसित भारत जी राम जी कानून, लेबर कानून और बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज बिल में किए गए संशोधन का विरोध करना था। मार्च के दौरान किसानों, मनरेगा मजदूरों ने जमीन अधिग्रहण संघर्ष कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश मलौद को तुरंत रिहा करने की मांग की। इसी तरह सदस्यों को 6 और 16 जनवरी को डीसी दफ्तर पहुंचाने का आह्वान किया गया। यहां किरती किसान यूनियन के संतोख संधू, बच्चन सिंह पूर्व सरपंच, कुल हिंद किसान सभा के संदीप अरोड़ा, पेंडू मजदूर यूनियन पंजाब के सतनाम सिंह, कश्मीर मडियाला, विजय बाठ, जनरल मजदूर यूनियन के सिकंदर संधू, सर्व भारत नौजवान सभा के मंदीप सिद्धू, पंजाब स्टूडेंट यूनियन की रमनजीत कौर, स्त्री जागृति मंच की अनीता संधू, नौजवान भारत सभा के नवजोत सियाणीवाल, मनरेगा नेता बख्श मंडियाला, तरसेम पीटर, रतन सिंह मंड, पवनदीप, विकास कक्कड़ शामिल थे।


