भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले के सुदूर वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की राह अब आसान हो जाएगी। “पीएम जनमन” योजना के तहत जिले को तीन अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट मिली हैं। यह पहल विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) कमार बस्तियों के 75 गांवों के लिए वरदान साबित होगी। जिले में निवासरत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की तैयारी जिले में पूरी कर ली गई है। दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गांवों व बसाहटों तक पहुंचाएगी। मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से जिले के 75 से अधिक पिछड़ी जनजाति वाले गांवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। जिले के बागबाहरा, महासमुंद और पिथौरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली कमार बसाहटों में रहने वाले लगभग 3500 से अधिक लोगों को अब इलाज के लिए मीलों दूर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के दरवाजे पर पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली है। ये यूनिटें महीने के हर 15 दिन में गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी। जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जांच और रोगों का उपचार किया जाएगा। जांच के साथ प्राथमिक उपचार और निशुल्क दवाइयां भी दी जाएगी। शासन की ओर से आदिवासियों को नए साल में सौगात मिली है। अब जिले में इसका विधिवत शुभारंभ का इंतजार है। दूरस्थ अंचल के आदिवासी भी इस सुविधा की इंतजार है। आपात स्थिति में बनेगी जरूरत मंदों का सहारा: पीएम जनमन योजना की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य इन जनजातियों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान करना है। सीएमएचओ डॉ. आई नागेश्वर राव ने बताया कि जिले में तीनों यूनिट पहुंच चुकी हैं। सोमवार से इनका विधिवत शुभारंभ कर इन्हें आदिवासी क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। आपातकालीन स्थिति में ये यूनिट मरीजों को नजदीकी बड़े स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में भी सहायक होंगी। . नियमित जांच: ये यूनिटे महीने में 25 दिन सक्रिय रहेंगी और हर 15 दिन के अंतराल पर गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाएंगी। . जांच की सुविधा: यूनिट में बीपी, शुगर, सिकलिंग, हीमोग्लोबिन और खून जाँच समेत 25 से अधिक प्रकार के टेस्ट की सुविधा होगी। . निशुल्क दवाएं: प्राथमिक उपचार के लिए कुल 106 तरह की दवाइयां मरीजों को मुफ्त दी जाएंगी। . विशेषज्ञ दल: प्रत्येक यूनिट में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशयन और स्थानीय वॉलंटियर तैनात रहेंगे।


