कोटा| नवाचार और बौद्धिक संपदा यानी पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क और भौगोलिक संकेतक के महानियंत्रक (सीजी पीडीटीएम) ने वित्त वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। पेंटेट फाइल करने में देश में राजस्थान 10वें नंबर पर है। कोटा संभाग से भी बौद्धिक संपदा में रजिस्ट्रेशन फाइल हुए हैं। ट्रिपल आईटी के डॉ. अमितकुमार गर्ग ने ट्रैफिक मैनेजमेंट पर सिस्टम बनाया, जिसका 20 साल का पेंटेंट करवाया है। इसमें ट्रैफिक जाम में दमकल, एंबुलेंस को बिना किसी बाधा के एलईडी कम्युनिकेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का उपयोग कर बिना किसी परेशानी के तेज मार्ग से निकलने का रास्ता पता कर सकेंगे। वहीं, कोटा यूनिवर्सिटी की प्रो. मीनू माहेश्वरी ने बताया पेटेंट में “पर्यावरण अनुपालन रिपोर्टिंग उपकरण’ पर पेटेंट यानी द पेटेंट ऑन एनवायरमेंटल कंप्लाइंस रिपोर्टिंग डिवाइस है। कोटा डोरिया का जीआई टैग सहित अन्य संस्थानों के हाड़ौती समेत रावतभाटा के डिजाइन और ट्रेडमार्क शामिल हैं। देश में एक लाख से ज्यादा आवेदन: पेटेंट अटॉर्नी एवं वकील विकास आसावत ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, देश में पहली बार पेटेंट आवेदनों की संख्या एक लाख पार पहुंची। वर्ष 2024-25 में कुल 1 लाख 10 हजार 375 पेटेंट आवेदन रजिस्ट्रेशन हुए। जो पिछले साल की तुलना में करीब 20 फीसदी अधिक है। यह घरेलू अनुसंधान क्षमता, नवाचार के प्रति जागरूकता का संकेत है। पेटेंट फाइलिंग में राजस्थान 10वें पायदान पर है। वर्ष 2024-25 में यहां से 2003 पेटेंट आवेदन दाखिल हुए हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र टॉप थ्री राज्य हैं।


