मरीजों को नहीं मिलेगी फीजियोथैरेपिस्ट,स्पीच और अन्य सेवाएं, केंद्र बंद , वाहनों में भरकर ले गए सामान

भास्कर संवाददाता|टोंक जिला मुख्यालय स्थित सआदत अस्पताल परिसर में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन संस्थान केंद्र को बंद कर दिया गया है। केन्द्र को बंद किए जाने से अब मरीजों को यहां फिजियोथेरेपिस्ट समेत अन्य सुविधाएं नहीं मिल सकेगी। मरीजों व प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जयपुर से शनिवार को आए कुछ लोग केन्द्र के सामान को वाहनों में भरकर ले गए। केन्द्र को बंद करने की तैयारियां बीते कई दिनों से चल रही थी। शनिवार को इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया। भाजपा नेता एवं संस्थान तथा दिशा समिति के सदस्य रहे ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि टोंक शहादत अस्पताल परिसर में करीब 18 सालों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन संस्थान जो अब एक्सटेंशन सेंटर के नाम से संचालित था, उसे बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से मरीजों को फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी समेत कान की जांच आदि की निशुल्क सुविधाएं मिल रही थी। इसके साथ ही केंद्र में कृत्रिम अंग बनाने की वर्कशॉप भी है, जिसे सामाजिक न्याय विभाग दिल्ली की ओर से बंद कर दिया गया। पहले कर्मचारी हटाए: इससे पहले केंद्र को बंद किए जाने की मंशा से यहां केन्द्र पर पदस्थापित अधिकारियों व कार्मिकों को हटा दिया गया था। उसके बाद इस केन्द्र की कुछ सामग्री केंद्र से जयपुर ट्रांसफर की गई थी। गुप्ता ने बताया कि जोड़ों के दर्द के निवारण मे यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। जबकि सरकार इस प्रकार के संस्थान देश में कई स्थानों पर खोल रही है, वहीं अधिकारियों की गलत सूचना के चलते गरीब व पिछड़े जिले में संचालित इस संस्थान को बंद कर दिया गया। इससे दिव्यांग समेत अन्य मरीजों को सुविधाओं का लाभ बंद हो गया। उन्होंने बताया कि केंद्र को सुचारू रखने की मांग को लेकर 9 जनवरी कलेक्टर टोंक को भी ज्ञापन सौंपा गया था। उल्लेखनीय है कि केंद्र में पूर्व में 9 स्वीकृत पद थे। इनके माध्यम से जो बोलने में कठिनाई या किसी प्रकार के स्पीच डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों का इलाज, फिजियोथेरेपिस्ट के माध्यम से थैरेपी दी जाती थी, जिससे दर्द, संतुलन, गतिशीलता और मोटर फंक्शन को प्रबंधित करने में मदद मिल सके। ज्यादातर लोग अपने जीवनकाल में किसी न किसी समय फिजियोथेरेपिस्ट के साथ काम करते हैं, सर्जरी के बाद या पीठ के निचले हिस्से में दर्द को ठीक करने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट आदि की सेवाएं ली जाती है। दूसरी ओर सामाजिक न्याय विभाग नई दिल्ली के निदेशक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि टोंक का केंद्र बंद कर दिया, जयपुर में नया केंद्र खोला गया है।

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