प्रदेश सरकार ने गोपालन क्रेडिट कार्ड योजना तो शुरू कर दी है, मगर ऋण वितरण की शर्तें तय करने की जिम्मेदारी सरकार ने बैंकों पर छोड़ दी। नतीजा ये हुआ कि सहकारी बैंकों ने अपनी सुरक्षा के नाम पर ऐसी कठोर और अव्यावहारिक शर्तें थोप दीं, जिनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा किसान फंसकर बाहर हो गए। बैंक की गाइडलाइन के अनुसार योजना में वही किसान ऋण ले सकता है, जो स्वयं के अलावा दो अन्य लोगों को भी सभी पहचान के दस्तावेजों के साथ गारंटर लाएगा। बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक 9 महीने बाद भी ढाई लाख पशुपालकों में महज 51 हजार किसान ही योजना का फायदा ले पाए हैं। अप्रैल से पशुपालकों का पंजीकरण शुरू करवा दिया था। दिसंबर अंत तक 51000 किसानों को प्रदेशभर में 39 करोड़ का ऋण वितरित हुआ है, जबकि योजना में मार्च तक वित्तीय वर्ष के दौरान ढाई लाख किसानों को 200 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जाना है। यदि शर्तों में संशोधन नहीं किया तो प्रदेश में गोपालन केसीसी योजना को एक लाख किसान भी फायदा नहीं ले पाएंगे। ये है योजना गोपालन क्रेडिट कार्ड ऋण योजना में एक जनआधार से गाय व भैंस पालने वाले ग्रामीण क्षेत्र के किसान व पशुपालक को एक साल के लिए एक लाख रुपए तक ब्याजफ्री ऋण दिया जाता है। शर्त ये है कि डेयरी लोन किसान को एक साल में चुकाना होगा। योजना का मकसद है पशुपालन से आजीविका चलना वाले ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की आर्थिक मदद कर स्वरोजगार को बढ़ावा देना। किसान बोले-दस्तावेज तैयार पर गारंटर नहीं मिल रहे वंचित कई किसानों से दैनिक भास्कर से अपनी पीड़ा बताई। बेरी के रामकरण ने बताया िक उसने ऋण योजना में सभी दस्तावेज के साथ आवेदन तैयार कर व्यवस्थापक से संपर्क किया। व्यवस्थापक ने ऋण स्वीकृति के लिए दोनों गारंटरों को पहचान के सभी दस्तावेज साथ लेकर बैंक लाने की बात कही। लेकिन बैंक आने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। रामपुरा निवासी गोपालक रामलाल को भी यही समस्या रही। रामलाल ने बताया उसने आवेदन तैयार करने के बाद दो बार व्यवस्थापक से संपर्क किया। गारंटर नहीं आए तो उसका आवेदन ही निरस्त हो गया है। ये 5 शर्त पूरी करने वाले को ही योजना का फायदा 1. आवेदन के लिए सिविल व क्रेडिट स्कोर की जानकारी देना जरूरी। 2. आवेदक को दो गारंटर सभी पहचान के दस्तावेजों के साथ बैंक में पेश करना होता है। 3. एक जनआधार से एक ही पशुपालक को ऋण योजना का फायदा। 4. ऋण लेने वाले पशुपालक के नाम पहले से दो से ज्यादा लोन नहीं होने चाहिए। 5. आवेदक ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहा हो।


