सिटी मोबिलिटी की प्लान रिपोर्ट तैयार:गंगानगर चौराहे पर बनेगा ओवरब्रिज, सिटी बसों के रूट से हटेंगे ऑटो

आने वाले पांच सालों में शहर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बशर्ते जो प्लान तैयार हुआ है उस पर पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधि रुचि लें। सिटी मोबिलिटी प्लान तैयार करने के लिए जो टेंडर साल की शुरूआत में दिया गया था उसकी रिपोर्ट जल्दी ही नगर निगम को मिलने वाली है। कंपनी के लोगों ने कलेक्टर और निगम आयुक्त के सामने अपना प्रजेंटेशन दे दिया है। भास्कर उस प्लान के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों का खुलासा कर रहा है। दरअसल सिटी मोबिलिटी प्लान इसलिए तैयार कराया गया ताकि आगे आने वाले समय में शहर का काम मैनेजमेंट तरीके से हो। अभी तक जहां जरूरत महसूस हो रही वहीं काम हो रहा मगर इसमें आने वाले 20 सालों की जरूरत का प्लान पहले से प्रशासन के पास होगा। अगर उसी हिसाब से काम होता रहा तो पब्लिक को ज्यादा तकलीफ नहीं होगी मगर उसके लिए जरूरी है कि जो प्लान है उसे हूबहू लागू किया जाए। इसमें असली भूमिका पुलिस, प्रशासन की है। जनप्रतिनिधियों की भूमिका ये है कि वे इस काम में रोड़ा ना अटकाएं तो। प्लान में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय श्रीगंगानगर चौराहे पर ओवरब्रिज की जरूरत महसूस की गई है। जैसलमेर से आने वाले रोड से श्रीगंगानगर चौराहे से ऊपर होते हुए दीनदयाल सर्किल की ओर जाएगा। की​र्ति स्तंभ चौराहे से श्रीगंगानगर रोड पर नीचे से ट्रैफिक जाएगा। इससे यहां लगने वाले जाम से मुक्ति हो जाएगी। दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय सिटी बसें चलाने का है मगर उसकी मूल शर्त रखी गई कि जिस रूट पर सिटी बसें चलेंगी उस रूट पर ऑटो चलाने की परमीशन नहीं दी जाए। इसकी दो वजह, एक बसों को खाली रोड चाहिए दूसरा सवारियां भी। वरना सिटी बस योजना फेल हो जाएगी। ऑटो वाले यही चाहते भी हैं। ऑटो के लिए जगह-जगह बनेंगे स्टॉपेज हल्दीराम प्याऊ और रानीबाजार के चौराहे से हटेगी लाल बत्ती : हल्दीराम प्याऊ से लालबत्ती हटाने का निर्णय हुआ है। क्योंकि एक तो नापासर रोड वहां आती है। दूसरा एक गाड़ी को रोकने पर वहां ट्रैफिक ​की दिक्कत होती है। रानीबाजार रोड पर जितने भी चौराहे हैं वहां रोड के बीच बना ट्रैफिक प्वाइंट हटेगा। वहां साइड में लालबत्ती लगेगी ताकि लोग उसे देखकर ही आगे बढ़ें। शहर में 30 से 40 जगह ऑटो वालों के ठहराव के केन्द्र बनेंगे। उसकी वजह ये है कि इस वक्त शहर के ट्रैफिक सिस्टम को सबसे ज्यादा खराब ऑटो वाले करते हैं। अब इन पर लगाम लगाने की तैयारी है। अब प्रशासन ऑटो को खड़ा करने की जगह तय करेंगे। उसके अलावा अगर कहीं ऑटो खड़े मिले तो उन पर एक्शन होगा। 10 साल से पुराने ऑटो को भी शहर में चलाने से रोका जाएगा। ग्रामीण परमिट के ऑटो भी शहर से हटेंगे। इसके लिए पुलिस को पाबंद ​किया जाएगा। दीनदयाल सर्किल पर होगा बसों का ठहराव म्यूजियम सर्किल और श्रीगंगानगर सर्किल पर बसों का ठहराव पूरी तरह बंद होगा। इसकी जगह दीनदयाल सर्किल पर ही ठहराव किया जाएगा। कोई भी बस अब ऐसी जगह खड़ी नहीं होगी जहां उसका ठहराव नहीं है। अगर ऐसा होता है तो ट्रैफिक वालों को छूट होगी कि वे तुरंत उसका चालान करें।

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