शहर में हनी ट्रैप व ब्लैकमेलिंग के एक बड़े मामले का कोतवाली पुलिस ने शनिवार को खुलासा किया है। एक वकील को आरोपियों ने जाल में फंसाकर 40 लाख रुपए की डिमांड की। पुलिस को सूचना मिलते ही गिरोह का पर्दाफाश करते हुए युवती सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए है। मामले की जांच उप निरीक्षक लिच्छाराम कर रहे हैं। शहर कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल की रहने वाली आरोपी युवती प्रियंका ने पहले एक वकील से दोस्ती की। दोनों की पहचान शहर के एक जिम में हुई। यहां मुलाकातों के दौरान युवती ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को रॉय कॉलोनी स्थित ओमेगा टॉवर में एक किराए के फ्लैट में बुलाया। फ्लैट में पहले से लगाए गए स्पाई कैमरे से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया। बाद में इन्हीं आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के आधार पर पीड़ित को ब्लैकमेल किया। आरोपियों ने अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने व झूठा रेप केस दर्ज कराने की धमकी देकर पीड़ित से 40 लाख रुपए की मांग की। पीड़ित ने 50 हजार रुपए आरोपियों को दे भी दिए। इसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में प्रियंका और उसके एक साथी कमलसिंह निवासी लक्ष्मीनगर को गिरफ्तार किया है जबकि तीसरा आरोपी फरार है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को इसी तरह हनी ट्रैप में फंसाया है? फिलहाल दोनों आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में ब्लैकमेलिंग नेटवर्क, वीडियो के इस्तेमाल और संभावित अन्य पीड़ितों के भी सामने आने के खुलासे हो सकते हैं। पिछले एक साल में प्रमुख घटनाएं 2 अप्रैल सदर पुलिस ने 2 युवतियों ने रेलवे के ऑफिसर को हनी ट्रैप में फंसाया था। उससे 10 लाख रुपए की डिमांड की थी। 9 अप्रैल: गुड़ामालानी में एक व्यापारी को हनी ट्रैप में फंसाकर 15 लाख रुपए की डिमांड की। एक महिला सहित 3 आरोपी गिरफ्तार। 27 जून: बेटी के फोन से युवक को बुलाकर बंधक बनाया और 20 लाख रुपए की डिमांड की। चाचा और भतीजा को गिरफ्तार किया।


