चीफ खालसा दीवान के पुराने स्टूडेंट्स को फिर से मिलाने के मकसद से दीवान की तरफ से ग्रैंड एल्युमनाई मीट का आयोजन किया गया। इस मौके बरसों बाद मिले साथियों ने अपने स्कूल के दिनों, क्लासरूम से कामयाबी तक के सफर और टीचर्स की गाइडेंस और दोस्ती के अटूट रिश्तों को याद करते हुए पलों को इमोशनल बना दिया। गुरबाणी शबद से प्रोग्राम शुरू करने के बाद रणजीत एवेन्यू स्थित श्री गुरु हरकिशन इंटरनेशनल स्कूल के स्टूडेंट्स ने वेलकम डांस पेश किया। इस मौके पर चीफ खालसा दीवान के प्रधान डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने स्टूडेंट्स का स्वागत किया और कहा कि पुराने स्टूडेंट्स ही किसी भी स्कूल और इंस्टीट्यूशन की असली पहचान और एसेट होते हैं। उन्होंने कहा कि चीफ खालसा दीवान के स्कूलों में स्टूडेंट्स को सिर्फ पढ़ाई-लिखाई ही नहीं दी जाती, बल्कि इंसानियत, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के नैतिक गुण भी सिखाए जाते हैं। समारोह के दौरान एक बहुत अच्छी दूर की सोच वाली पहल सामने आई, जब चीफ खालसा दीवान से बहुत इमोशनली जुड़े पुराने स्टूडेंट्स ने आपसी सहमति और एक जैसी सोच के साथ एलुमनाई एसोसिएशन बनाने का ऐलान किया और भरोसा जताया कि इस एसोसिएशन के तहत वे अपनी हैसियत के हिसाब से अपनी मर्जी से पैसे देंगे, ताकि चीफ खालसा दीवान के स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमज़ोर स्टूडेंट्स को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, फीस में मदद के साथ-साथ ऊंचे पदों के लिए कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी के खर्च में मदद और दूसरी जरूरी पढ़ाई की सुविधाएं दी जा सकें। पुराने स्टूडेंट्स की इस जरूरी पहल की हर तरफ से जोरदार तालियों से तारीफ हुई।


