जालंधर वेस्ट में बढ़ते अपराध को लेकर बीजेपी-आप आमने-सामने:भाजपा नेता बोला शराब-बेच रहा,आप नेता बोला शराब की पकड़ी गई फैक्ट्री किस की थी

जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते अपराध के खिलाफ हुई महापंचायत के बाद स्थानीय बीजेपी और आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। सोशल मीडया पर दोनों भेद खोले जो जालंधर चर्चा का विषय बने हुए है। बीजेपी नेता व पूर्व विधायक शीतल अंगुराल पिछले करीब दो हफ्तों से क्षेत्र में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर लगातार फेसबुक लाइव के जरिए सरकार और स्थानीय नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से किमती भगत पार्टी नेतृत्व के बचाव में सामने आए हैं, लेकिन इसी मुद्दे पर वे भी विवाद में घिर गए हैं। दोनों सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर अरोप लगाते हुए शीतल कहा कीमती भगत को गैंडा कह कर बोले वेस्ट इलाके में शरबा का कारोबार यह करवा रहा है। वही किमती भगत ने कहा धोगड़ी रोड पर पकड़ी गई शराब की फैक्ट्री शीतल जी आप की थी। जिस मामले को आप बड़े नेताओं की सिफारिश से खुरद-बरुद करवाया था। एक प्रॉप्टी कारोबारी ने कालोनी काटी थी उससे आप ने मेरे साथ जा कर दस लाख लिया था। इस प्रकार के अरोप दोनों की ओर से अपने शोसल मीडिया लगाए जा रहे हैं गौरतलब है कि करीब चार साल पहले तक शीतल अंगुराल और किमती भगत, दोनों ही मौजूदा विधायक व मंत्री मोहिंदर भगत के साथ बीजेपी में थे और एक-दूसरे की राजनीति से भली-भांति परिचित हैं। बाद में अंगुराल ने आप से विधायक बनने के बाद दो साल में फिर से बीजेपी का दामन थाम लिया, जबकि भगत परिवार अभी भी सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी में बना हुआ है। अंगुराल और किमती भगत दोनों एक-दूसरे पर क्षेत्र में नशा तस्करों को संरक्षण देने के आरोप लगा रहे हैं। दोनों खुद को हर मामले में पाक-साफ बता रहे हैं और एक-दूसरे के पुराने वीडियो व सोशल मीडिया पोस्ट सार्वजनिक कर रहे हैं। अंगुराल ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें किमती भगत उनके विधायक रहते सार्वजनिक रूप से उनकी तारीफ करते नजर आ रहे हैं। अंगुराल का दावा है कि यह सब सुरक्षा हासिल करने के लिए किया गया था। वहीं, किमती भगत ने पलटवार करते हुए अंगुराल पर आरोप लगाया कि उन्हें कोविड काल के दौरान जुए में लिप्त रहने के आरोप में पकड़ा गया था और 2022 के चुनावों के समय उनके खिलाफ छह-सात आपराधिक मामले दर्ज थे। इस पर अंगुराल ने सफाई दी कि ये सभी मामले राजनीतिक द्वेष के कारण दर्ज हुए थे और समय के साथ वे सभी में बरी हो चुके हैं। अंगुराल ने किमती भगत पर अपने ही पार्टी नेताओं के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगत गौ सेवा आयोग के चेयरमैन पद को दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जो उन्हें पहले बीजेपी में रहते हुए मिला था। अंगुराल ने किमती भगत के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी दिखाए, जिनमें उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ टिप्पणियां की थीं। अपने एक घंटे के फेसबुक लाइव में अंगुराल ने पूर्व सांसद सुशील रिंकू के खिलाफ किमती भगत द्वारा लगाए गए आरोपों का वीडियो भी साझा किया। उल्लेखनीय है कि सुशील रिंकू मार्च 2024 में अंगुराल के साथ आप छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अंगुराल इन दिनों ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं, ताकि वे यह संदेश दे सकें कि वे जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में रिंकू से ज्यादा सक्रिय हैं और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत कर सकें।

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