हरियाणा के नारनौल में नांगल चौधरी के गांव शहबाजपुर के सरपंच ने राजस्थान के गंगानगर से 11 लाख रुपए की मुर्रा नस्ल की भैंस खरीदी है, जो चर्चा का विषय बनी हुई है। सरपंच ने भैंस के नांगल चौधरी में पहुंचने पर डीजे बजाकर उसका स्वागत किया। भैंस रोजाना करीब 30 लीटर दूध देती है। जानकारी अनुसार, गांव शहबाजपुर के सरपंच विक्रम को भैंस पालने का शोक है। उसके पास एक से बढ़कर एक नस्ल की भैंसे हैं। इसी शोक के चलते उसने राजस्थान के गंगानगर जाकर 11 लाख रुपए में नई भैंस खरीदी। भैंस खरीदने के बाद शनिवार शाम को भैंस को नांगल चौधरी की नई अनाज मंडी में उतारा गया। फूल मालाओं से स्वागत नांगल चौधरी पहुंचने के बाद भैंस का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। सरपंच विक्रम के अलावा अनेक ग्रामीणों व सरपंच के साथ के लोगों ने भैंस को मालाएं पहनाई तथा उसका स्वागत किया। डीजे के साथ निकाला जुलूस इसके बाद सरपंच विक्रम ने भैंस का डीजे के साथ नांगल चौधरी कस्बा में जुलूस भी निकाला। डीजे में गाने बजाते-बजाते ही कस्बा के विभिन्न मार्गों से होते हुए भैंस को गांव शहबाजपुर तक ले जाया गया। जिसमें अनेक लोग शामिल हुए। गांव में है डेयरी सरपंच विक्रम की गांव शहबाजपुर में सरपंच डेयरी के नाम से डेयरी है। इस डेयरी में सरपंच ने अनेक भैंसों को पाला हुआ है। उसके पास विभिन्न नस्लों की करीब दस से ज्यादा भैंसे हैं। जिनके दूध के बेचने का वह काम करता है। डेयरी की बनी हुई हैं रील्स सरपंच विक्रम को न केवल भैंस पालने का शोक है, बल्कि उसको अपनी रील भी बनाने का शोक है। उसने अपनी डेयरी के अलावा भैंस का दूध निकालते हुए की वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया नेटवर्क पर डाली हुई हैं। छोटी उम्र के सरपंच विक्रम सिंह गांव में छोटी उम्र के बनने वाले पहले सरपंच हैं। जिस समय वे सरपंच बने, उस समय उनकी उम्र 22 साल थी। उनका जन्म सन 2000 का है, इस समय उनकी उम्र 25 साल है। लोगों ने की सराहना पशु पालक द्वारा भैंस के किए गए इस सम्मान की अनेक लोगों ने सराहना की। इस मौके पर विक्रम सौदागर दोस्तपुर, संजय यादव, सुरेश ठेकेदार, महेंद्र व ईश्वर ठाकर समेत अनेक लोग मौजूद रहे।


