अब शीघ्र चलेंगी इले​क्ट्रिक इंजन से सभी ट्रेनें:बीकानेर-बठिंडा ट्रैक का भी विद्युतीकरण हुआ, जल्द ही बीकानेर से सभी ट्रेनें इले​क्ट्रिक इंजन से ही चलेंगी

बीकानेर रेलवे स्टेशन पर अब शीघ्र ही इले​क्ट्रिक इंजन से सभी ट्रेनें चलेंगी। बठिंडा-बीकानेर के बीच बचे विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद अब बीकानेर रेल मंडल पर विद्युतीकरण का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। ऐसे में अब अगले दो महीनों में बीकानेर रेलवे स्टेशन से सभी ट्रेनें इले​क्ट्रिक इंजन से चलने लगेगी। हालांकि वर्तमान में भी काफी ट्रेनें विद्युत इंजन से चल रही हैं लेकिन ​बठिंडा-बीकानेर ट्रैक का कुछ काम बकाया था। इस रूट के विद्युतीकरण के काम अब पूरा हो चुका है। अब इस रूट पर चलने वाली मेल और पैसेंजर ट्रेनें भी अब इले​क्ट्रिक इंजन से दौड़ेगी। ऐसे में ट्रेनों स्पीड़ से चलेगी। इससे ईंधन की भी बचत होगी। ऐसे में यात्रियों को कम समय तक ट्रेन में सफर करना पड़ेगा। इतना ही नहीं ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। बठिंडा-बीकानेर ट्रैक का विद्युतीकरण होने से अब गांधीनगर से जम्मूतवी ट्रेन को भी शीघ्र ही इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने की तैयारी है। विद्युतीकरण रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पर्यावरण प्रदूषण भी कमी आएगी। विदित रहे कि बीकानेर से प्रतिदिन करीब 62 मेल और एक्सप्रेस ट्रेन चलती है। ये ट्रेनें इले​क्ट्रिक इंजन से चलाने के बाद बीकानेर मंडल को लंबी दूरी की ओर कई ट्रेनें मिल सकेंगी। गौरतलब है कि ‎बठिंडा से सूरतगढ़ इलेक्ट्रिक ट्रेनों ‎के संचालन के लिए सीआरएस का ‎निरीक्षण करीब 6 वर्ष पूर्व हो चुका‎ है। सीआरएस ने 100 किमी प्रति‎घंटा की स्पीड से इस रूट पर‎ ट्रायल कर ओके रिपोर्ट दी थी,‎लेकिन टीएसएस सहित अन्य कार्य‎ नहीं होने से काम में देरी हुई।‎ विद्युतीकरण होने से ये होंगे फायदे 10 से 15 किमी प्रतिघंटा तक बढ़ जाएगी रफ्तार​ बठिंडा-बीकानेर ट्रैक का विद्युतीकरण होने के बाद इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। गाड़ियों की रफ्तार 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ जाएगी। इस ट्रैक पर चलने गांधीनगर से जम्मूतवी ट्रेन बठिंडा के बाद मंडी डबबाली, संगरिया, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, सूरतगढ़, लूणकरणसर, जामसर रास्ते से बीकानेर पहुंचेगी। इस गाड़ी में यात्रा करने वालों का समय बचेगा। फरवरी या मार्च तक इस गाड़ी को चला दिया जाएगा। “बीकानेर स्टेशन से प्रतिदिन 62 मेल और पैसेंजर ट्रेनें चलती है। बठिंडा-बीकानेर ट्रैक का विद्युतीकरण होने के बाद बीकानेर और लालगढ़ से अधिकांश ट्रेनें इले​क्ट्रिक इंजन से चलेंगी। कुछ माल गाड़ियों को छोड़कर सभी ट्रेनों का विद्युतीकरण होने के बाद लंबी दूरी की ट्रेनों और चल सकेंगी।” – भूपेश यादव, सीनियर डीसीएम, बीकानेर मंडल

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