पाली जिला एवं सेशन न्यायालय परिसर में शनिवार को न्यायाधिपति मनोज कुमार गर्ग, राजस्थान उच्च न्यायालय एवं संरक्षक न्यायाधीश पाली ने न्यायिक सेवा केंद्र (JSC) का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में संगीता गर्ग धर्मपत्नी न्यायाधिपति मनोज कुमार गर्ग, राजेंद्र कुमार, जिला एवं सेशन न्यायाधीश पाली, योगेंद्र ओझा अध्यक्ष एवं जब्बर सिंह हथलाई सचिव बार एसोसिएशन पाली मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद सरस्वती वंदन किया। उसके बाद न्यायाधिपति का स्वागत जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष बार एसोसिएशन पाली ने किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बताया कि न्यायिक सेवा केंद्र में पाली मुख्यालय पर स्थित समस्त न्यायालयों के सिविल मामले, आपराधिक अपीलें और पुनरीक्षण, आपराधिक विविध मामले, जमानत आवेदन आदि संयुक्त न्यायिक सेवा केंद्र (JSC) के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। ऐसे मामलों को प्रस्तुत करने से पहले, प्रस्तुतकर्ता को जांच सूची के अनुसार समस्त औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। इसमें प्रस्तुत किए जाने वाले मामले के साथ एक केस फाइलिंग शीट संलग्न करनी होगी। इसमें संबंधित पक्षकारों का पूरा नाम, आयु, पता तथा उनके फोन नंबर की सही प्रविष्टि जैसे आवश्यक विवरण अंकित करने होंगे। यह फाइलिंग शीट पाली जिला न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी तथा विंडो से भी प्राप्त की जा सकेगी। न्यायाधिपति मनोज कुमार गर्ग ने फीता काटकर (JSC) सेंटर का उद्घाटन किया। न्यायाधिपति ने कहा कि राजस्थान में टोंक के बाद में यह दूसरा न्यायिक सेवा केंद्र पाली में स्थापित किया गया है। जिससे अधिवक्ता एवं पक्षकारान को एक ही स्थान पर अपने समस्त प्रकरण दर्ज करवाने की सुविधा मिलेगी। अधिवक्ताओं को प्रकरण में कमी-पूर्ति या दर्ज होने के संबंध में मैसेज तत्काल प्राप्त होगा। जो पक्षकारों के लिए और अधिवक्ताओं के लिए सुविधाजनक रहेगा। इस दौरान योगेंद्र ओझा, अध्यक्ष बार एसोसिएशन पाली ने कहा कि एक अतिरिक्त सेशन न्यायालय (एनडीपीएस कैसेज) एवं एक चैक अनादरण के संबंध में एन.आई. एक्ट कैसेज के न्यायालय का गठन किया जाना चाहिए।


