सालभर में जितनी हत्याएं नहीं होती उससे छह गुना सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हो जाती है। तेजी से बढ़ते सड़क दुर्घटनाओं से पुलिस महकमा चिंतित है। कैसे हादसे कम हो, इसके लिए पुलिस के आला अफसर खुद सर्वे पर निकले हैं। ब्लैक स्पॉट, कट पाइंट, अंधे मोड़ पता किए जा रहे हैं। इन्हें दुरुस्त करने के लिए रोड बनाने वाली एजेंसी तक का पता कर पुलिस उन्हें भी चिठ्ठी लिख रही, ताकि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौत में हर हाल में कमी लाई जा सके। डीआईजी नवनीत भसीन पूरे संभाग में टीम के साथ घूमकर ब्लैक स्पॉट, अंधे मोड़ व कट पाइंटों को चिह्नित कर रहे हैं। लोगों से भी कहा जा रहा है कि वे फोटो, वीडियो बनाकर ऐसे स्थानों की डिटेल पुलिस को भेजे, ताकि सुधार कराया जा सके। पुलिस जल्द ही एक हेल्प लाइन नंबर भी जारी करेगी, ताकि लोग दुर्घटना वाली जगह के फोटो के साथ लोकेशन भी भेज सके, जिससे कि तत्काल संबंधित जगह पर सुधार के लिए काम कराया जा सके। ये 10 हॉट ब्लैक स्पॉट, जहां हर साल एक्सीडेंट में लोगों की जान जा रही 1. देवासरोड नागझिरी-सैफी पंप चौराहा, 3 साल में यहां 7 एक्सीडेंट हुए, इनमें 4 लोगों की मौत हुई।
2. मक्सी रोड पांड्याखेड़ी चौराहा, 3 साल में 6 एक्सीडेंट हुए, इनमें 3 लोगों ने जान गंवाई। मीरा माधव मंदिर से हजारी हनुमान मंदिर तक दो अंधे मोड़ है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है।
3. इंदौर रोड ग्राम निनौरा चौराहा, 3 साल में 6 एक्सीडेंट हुए इनमें 6 लोगों की मौत हो गई।
4. उज्जैन-जावरा रोड स्थित हरियाली ढाबा, यहां 3 साल में 5 एक्सीडेंट हुए, जिनमें 5 लोगों की जान गई।
5. उज्जैन-जावरा रोड स्थित झिरन्या फंटा, 3 साल में यहां 5 एक्सीडेंट हुए, जिनमें 7 लोगों की मृत्यु हुई।
6. उज्जैन-आगर रोड पर घट्टिया स्थित जैथल टैक, 3 साल में 6 एक्सीडेंट, 8 लोगों की मौत।
7. आगर रोड घट्टिया स्थित निपानिया गोयल, 3 साल में 5 हादसे, 7 मृत्यु।
8. उज्जैन-आगर रोड राघवी स्थित पलवा फंटा, 3 साल में 5 एक्सीडेंट हुए, 6 लोगों ने जान गंवाई।
9. उज्जैन-बड़नगर-बदनावर मार्ग स्थित चिकली गांव, 3 साल, 8 हादसे, 9 मौत।
10. उज्जैन-बदनावर स्थित खरसौदखुर्द, 3 साल 10 एक्सीडेंट, 12 लोगों की मृत्यु।
(आंकड़े- ट्रैफिक डीएसपी दिलीपसिंह परिहार व डीएसपी विक्रमसिंह कनपुरिया के मुताबिक।) हत्या से ज्यादा एक्सीडेंट में मौत हो रही
^एक साल में जितनी हत्या नहीं होती, उससे ज्यादा एक्सीडेंट में लोगों की मौत हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। इसे लेकर डीआईजी, एसपी स्तर पर टीम बनाई है, जो संबंधित विभागों के साथ ब्लैक स्पॉट, कट पाइंटों पर काम कर रही हैं। प्रयास यही है कि हादसों में कमी आए।
– उमेश जोगा, एडीजीपी पुलिस अधीक्षक की एमपीआरडीसी महाप्रबंधक को चिट्ठी, कट पाइंट दुर्घटना का कारण इन्हें बंद कराए
एसपी प्रदीप शर्मा ने मप्र रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन के संभागीय महाप्रबंधक को 13 जनवरी को पत्र लिखा है। बताया है कि सुगम यातायात के लिए विविध मार्गों का भ्रमण करने पर पाया कि सड़कों के किनारे ऐसे कई कट पाइंट जो अनावश्यक हैं, जिससे ट्रैफिक सीधे रोड पर मिलता है और गंभीर दुर्घटना का कारण बनते हैं, इन्हें बंद किए जाने की सख्त आवश्यकता है। इसके साथ बहुत से रोड के डिवाइडरों की भी लंबाई बढ़ाना और बंद करना जरूरी है, जिससे कि वाहन चालक गलत दिशा से न निकले और दुर्घटना का शिकार न हो सके।


