शहजादा प्रिंस| सिमडेगा सिमडेगा जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अब धरातल पर उतरती दिख रही है। जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ठेठईटांगर निवासी एहतेशाम और भट्टी टोली के शौकत और शहजादा सरफराज उन शुरुआती लाभुकों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की पहल की है। वहीं संजय शर्मा बल्लू जैसे जागरूक लोग आम नागरिकों को योजना से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बिजली विभाग भी अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ने के लिए अभियान चला रहा है।यह योजना आम लोगों के लिए न केवल बिजली बिल से राहत देने वाली है, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। योजना के तहत नागरिक अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जाएगी, जबकि संबंधित कंपनी द्वारा 12 हजार रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस तरह कुल 90 हजार रुपए तक का अनुदान लाभुकों को मिलेगा। योजना में विशेष रूप से 3 केवीए क्षमता के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी तय की गई है। सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद अधिकांश उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा, जिससे मासिक खर्च में बड़ी बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। पात्रता व आवेदन प्रक्रिया सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास स्वयं का मकान होना जरूरी है। मकान में वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए और कनेक्शन आवेदक के नाम पर होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, बिजली बिल, घर के कागजात, मकान की फोटो और राशन कार्ड की आवश्यकता होगी। सर्वे के बाद संबंधित डाटा को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, जिसमें यह भी दर्ज किया जाएगा कि आवेदक अपने घर की छत पर सौर संयंत्र लगवाने के लिए इच्छुक है या नहीं। जिले में योजना के क्रियान्वयन को लेकर हजारों घरों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष चंद्र पूर्ति ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट से 10 किलोवाट तक सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की सुविधा उपलब्ध है। इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।


