भास्कर न्यूज| सिमडेगा पारा लीगल वोलेंटियरों को सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर जनता की मदद की जिम्मेदारी बढ़ गई है। नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की ,नशे के दुष्प्रभावों पर लोगों को ,बाल विवाह की पहचान एवं रोकथाम के कानूनी प्रावधान पीड़ितों को कानूनी सहायता से जोड़ने की प्रक्रिया,कमजोर एवं वंचित वर्ग के लोगों तक विधिक सेवाएं पहुंचाने के उपाय,त्वरित सूचना एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने का दायित्व रहेगा। डालसा द्वारा पीएलवी को आगामी दिनों में किए जाने वाले कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है । इसके तहत 5 से 12 जनवरी तक नशा जागरूकता एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शन कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी पंचायतों,गांवों व सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना,विद्यालयों में निबंध लेखन,चित्रांकन व क्विज प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को जोड़ना,बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम में निगरानी,संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तत्काल प्रशासन एवं डालसा को देना,जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। बाल विवाह उन्मूलन में अपना योगदान दें जिले में नशा जागरूकता एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शन नशामुक्त भारत अभियान चलाया जाना है । साथ ही बाल विवाह उन्मूलन को लेकर 100 दिवसीय विशेष अभियान में भी पारा लीगल वोलेंटियरों की भूमिका को अहम बताया गया है।पीएलवी के दायित्वों को ले शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा नियुक्त पारा लीगल वोलेंटियरों की बैठक डालसा कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकार सचिव मरियम हेमरोम ने की। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान एवं बाल विवाह उन्मूलन को लेकर विशेष रणनीति तय की गई। जागरूकता बड़ी जिम्मेवारी : सचिव प्राधिकार सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि पारा लीगल वोलेंटियर समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। बीते वर्ष उन्होंने जिस निष्ठा और समर्पण से कार्य किया है,उसी ऊर्जा के साथ वर्ष 2026 में भी नशा मुक्त समाज और बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए कार्य करना होगा। जन-जागरूकता,सतत निगरानी और त्वरित सूचना तंत्र को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है।


